

भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की ओर बढ़ रहे हैं। एक्सिओम स्पेस ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें शुभांशु ने अंतरिक्ष यात्रा के अपने रोमांचक अनुभव को बयां किया। शुभांशु ने कहा कि 30 दिन के क्वारंटीन के बाद लॉन्च के दिन ड्रैगन कैप्सूल में बैठे-बैठे बस यही सोच रहा था कि यह जल्द ही बाहर आ जाए।
शुभांशु ने कहा कि मैं बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं। मेरे कंधे पर तिरंगा बता रहा था कि सभी देशवासी मेरे साथ हैं। भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए यह एक बड़ा कदम है। आप सभी मेरे साथ गर्व महसूस कर रहे हैं। मेरे जरिए आप भी इस यात्रा का पूरा आनंद उठाएं।
आपको बता दें कि शुभांशु एक्सिओम-4 मिशन में बतौर कैप्टन शामिल हैं। उनके साथ क्रू में अमेरिका के रहने वाले कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के निवासी स्लावोश उज्नान्स्की-विश्न्यूस्की और हंगरी के रहने वाले टिबोर कापू शामिल हैं। शुभांशु ने अंतरिक्ष से पहला संदेश भेजते हुए कहा- नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों, 41 साल बाद हम फिर अंतरिक्ष में हैं।
शुभांशु शुक्ला खुशी-खुशी ISS की ओर बढ़ रहे हैं और उनकी यात्रा का अनुभव पूरे भारत को गौरवान्वित कर रहा है। X पर @Axiom_Space पर एक पोस्ट में उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में तैरने और पृथ्वी की खूबसूरती को देखने के मजे को साझा किया। शुभांशु ने कहा कि यह मेरी यात्रा नहीं, बल्कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है।
अंतरिक्ष यान ISS से 400 मीटर दूर है और 4:30 बजे IST पर डॉकिंग के लिए तैयार है। ड्रैगन 28,000 किमी/घंटा की गति से 418 किमी की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है। @Axiom_Space ने X पर लिखा, "Ax-4 मिशन | इन-फ्लाइट अपडेट: चालक दल मजबूत और उत्साहित है।"
शुभांशु ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रा उनके लिए एक सपने जैसा अनुभव है। उन्होंने कहा, "जब मैंने प्रक्षेपण के बाद नीचे से धरती को देखा तो ऐसा लगा जैसे किसी चित्रकार ने नीले और हरे रंग को मिलाकर कैनवास बनाया हो। माइक्रोग्रैविटी में तैरना मजेदार है, लेकिन शुरुआत में थोड़ा अजीब लगा।"
उनकी बातों में हल्की हंसी और उत्साह साफ झलक रहा था। शुभांशु ने बताया कि प्रक्षेपण के 10 मिनट बाद जब ड्रैगन अंतरिक्ष यान रॉकेट से अलग हुआ तो मैंने खिड़की से सूरज की रोशनी और तारों को देखा। यह मेरे लिए अविश्वसनीय था। उन्होंने कहा कि मैंने अपने क्रू के साथ हंसी-मजाक किया और कुछ योग आसन भी किए।
शुभांशु ने जानकारी दी कि वे दीवारों पर तैरते हुए हैंडल पकड़कर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कि स्ट्रॉ से पानी का पाउच पीना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन मजेदार भी है। शुभांशु ने बताया कि अपने स्पेस सूट पर तिरंगा देखकर मैं अपने देश के 1.4 अरब लोगों का समर्थन महसूस कर रहा हूं।