सावधान! आपके व्हाट्सएप से हो सकते हैं 7 प्रकार के फ्रॉड, सरकार ने किया सतर्क, जानें कैसे बचें

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व्हाट्सएप से ठगी
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नई दिल्ली:  व्हाट्सएप (whatsapp) के जरिए पेमेंट जैसे कामकाज आसानी से हो जाते हैं, लेकिन यह अब सुरक्षित नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के थिंकटैंक ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (Thinktank Bureau of Police Research and Development) ने बड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें बताया व्हाट्सएप के जरिए 7 प्रकार के साइबर धोखाधड़ी हो सकती है और व्हाट्सएप अकाउंट भी हैक भी हो सकता है।

इन 7 फ्रॉड की हुई पहचान
सरकार द्वारा जारी 8 पेज की चेतावनी में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरडी) ने कहा है कि व्हाट्सएप के जरिए सात प्रकार की साइबर धोखाधड़ी हो सकती है। इसमें मिस्ड कॉल, वीडियो कॉल, नौकरी की पेशकश और निवेश योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी, पहचान बदलकर जालसाजी, सेंधमारी और स्क्रीन शेयर शामिल हैं। मामले में आरोपी का गिरोह पीड़ित के व्हाट्सएप खाते तक गलत तरीके से पहुंच जाते है और कॉल कर पैसे की मांग करते हैं।

वीडियो से करते है ब्लैकमेल
व्हाट्सअप पर वीडियो कॉल के जरिए भी धोखाधड़ी के मामले सामने आए है। फ्रॉड करने वाला आरोपी अज्ञात नंबर से पीड़ित को कॉल करता है और धमकी देकर पैसे की मांग करता है। इसे लेकर सेक्सटॉर्शन आधारित वीडियो कॉल भी मिली है।

फ्रॉड कॉल ज्यादातर वियतनाम, केन्या, इथियोपिया और मलेशिया से जैसे विदेशों से आते है। जहां पर हैकर्स, एक्टिव व्हाट्सएप यूजर की पहचान करते हैं और ‘कोड स्क्रिप्टेड बॉट’ के जरिए निशाना बनाते हैं।

बैंक खातों की मांग लेते हैं जानकारी
जालसाज, पीड़ित को फंसाने के लिए खुद को बैंकों, सरकारी कार्यालयों के अधिकारी बताते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि आपकी जानकारी सुरक्षित रहेगी। जब पीड़ित उनकी बात को मान लेते हैं तो वह एक ऐप या सॉफ्टवेयर को सीक्रेट तौर पर इंस्टॉल करते हैं। पीड़ित की संवेदनशील जानकारी जैसे बैंक विवरण, पासवर्ड और बैंकिंग सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

जालसाज बड़े अधिकारियों को निशाना बनाते हैं और उनसे बड़ी रकम की मांग करते हैं।

धोखाधड़ी से कैसे बचें
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए आपको इन बातों का ख्याल रखना जरूरी है। 

1- व्हाट्सएप यूजर पहले अपने व्हाट्सएप अकाउंट पर टू फैक्टर प्रमाणीकरण को एक्टिव करें।

2- किसी संदिग्ध या अज्ञात नंबर को जवाब ना दें, इन नंबरों को ब्लॉक कर सकते हैं। 

3- मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप से जुड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी हो जाती हैं। वे डेटा उल्लंघन अधिनियम के तहत कदम उठाते हैं।

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