300 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर जागा ब्लैक होल, वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा लाइव ‘सुपरमैसिव एक्टिवेशन’

खगोल विज्ञान ने ऐतिहासिक घटना दर्ज की है। पृथ्वी से 300 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित आकाशगंगा में एक सुपरमैसिव ब्लैक होल, जो करीब 20 वर्षों से निष्क्रिय था, अब अचानक सक्रिय हो गया है।
300 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर जागा ब्लैक होल, वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा लाइव ‘सुपरमैसिव एक्टिवेशन’
Blaack Hole का मिलना लाया है क्या। (सौ. Freepik)
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खगोल विज्ञान की दुनिया में एक ऐतिहासिक घटना दर्ज हुई है। पृथ्वी से 300 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित आकाशगंगा SDSS1335+0728 में मौजूद एक सुपरमैसिव ब्लैक होल, जो करीब 20 वर्षों से निष्क्रिय था, अब अचानक सक्रिय हो गया है। वैज्ञानिकों ने पहली बार किसी ब्लैक होल को रियल-टाइम में निष्क्रिय से सक्रिय होते देखा है। इस ब्लैक होल का द्रव्यमान हमारे सूर्य से 10 लाख गुना अधिक है और इसकी तेज़ चमक ने सभी को चौंका दिया है।

कैसे हुआ खुलासा?

SDSS1335+0728, जो वर्गो नक्षत्र में स्थित है, 2019 तक सामान्य स्थिति में थी। लेकिन Zwicky Transient Facility ने पाया कि इसकी चमक अचानक बढ़ रही है। इसके बाद यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) के वेरी लार्ज टेलीस्कोप (VLT) सहित कई उपकरणों से इसका गहन अध्ययन किया गया। इस आकाशगंगा के केंद्र से अब अल्ट्रावायलेट, ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड तरंगें निकल रही हैं। फरवरी 2024 तक इसने X-रे उत्सर्जन भी शुरू कर दिया, जो इसके असाधारण सक्रिय होने का प्रमाण है। यह ब्लैक होल अब आसपास की गैस को निगल रहा है और SDSS1335+0728 अब एक एक्टिव गैलेक्टिक न्यूक्लियस (AGN) में बदल चुकी है।

वैज्ञानिकों ने क्या बताया?

अध्ययन की प्रमुख लेखिका पाउला सांचेज साएज कहती हैं, "20 वर्षों तक शांत रहने के बाद अचानक इस आकाशगंगा की चमकना, ब्लैक होल के व्यवहार को समझने का दुर्लभ मौका है।" यह घटना Astronomy & Astrophysics जर्नल में प्रकाशित हुई है।

क्या यह टाइडल डिसरप्शन इवेंट (TDE) है?

वैज्ञानिक इस संभावना की भी जांच कर रहे हैं कि यह घटना एक धीमा TDE हो सकती है, जिसमें ब्लैक होल किसी तारे को नष्ट करता है। परंतु TDE कुछ महीनों में फीके पड़ जाते हैं, जबकि यहां चमक वर्षों से बढ़ रही है। यह ब्लैक होल अब एक एक्रिशन डिस्क बनाकर गैस को निगल रहा है, जिससे अत्यधिक ऊर्जा और प्रकाश उत्सर्जित हो रहा है।

भविष्य की योजनाएं

वैज्ञानिक अब इस ब्लैक होल पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ESO का ELT (Extremely Large Telescope) आने वाले वर्षों में इस रहस्य को और गहराई से उजागर करेगा। सह-लेखक क्लाउडियो रिक्की कहते हैं, “ये विशाल ब्लैक होल आमतौर पर सोए रहते हैं, लेकिन इस बार हमने उसे जागते हुए देखा है।”

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