

Puch AI controversy: उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप Puch AI के साथ किया गया 25,000 करोड़ रुपये का MoU रद्द कर दिया है। सरकार का कहना है कि कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी दस्तावेज तय समय पर उपलब्ध नहीं करा सकी, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाना पड़ा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस डील को लेकर पहले से ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे थे।
दरअसल, पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने X पर इस डील का ऐलान किया। उन्होंने लिखा था कि राज्य में AI इनिशिएटिव्स के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का MoU किया जा रहा है। लेकिन जैसे ही लोगों ने Puch AI के बारे में जानकारी जुटाई, चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह स्टार्टअप महज एक साल पुराना है और इसका रेवेन्यू 50 लाख रुपये से भी कम बताया गया। इसके बाद सवाल उठने लगे कि इतनी बड़ी डील एक छोटी और अनुभवहीन कंपनी को क्यों दी जा रही है।
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "ये सिर्फ एक ऐलान है और समझौता अभी हुआ नहीं है। डील तभी होगी जब कंपनी हर पैमाने पर खरी उतरेगी" इसके बावजूद विवाद थमता नहीं दिखा और मामला और गरमाता चला गया।
सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 23 मार्च 2026 को साइन किए गए इस MoU की प्रक्रिया के तहत समीक्षा की गई। इस दौरान कंपनी से फाइनेंशियल डिटेल्स और जरूरी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह समय पर जमा नहीं किए गए। ड्यू डिलिजेंस में यह भी सामने आया कि कंपनी के पास इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पर्याप्त नेटवर्थ और मजबूत फाइनेंशियल बैकअप नहीं है। इसके बाद InvestUP के X हैंडल से घोषणा की गई कि यह MoU अब रद्द किया जा रहा है।
इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी कंपनी के साथ इतनी बड़ी डील करना सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। सोशल मीडिया पर भी यूजर्स लगातार कंपनी की क्षमता और सरकार के फैसले पर सवाल उठाते रहे।
विवाद के बीच Puch AI के को-फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया ने सफाई देते हुए कहा, "यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आधारित था और इसमें सरकार के पैसे का इस्तेमाल नहीं होना था" उन्होंने यह भी बताया कि निवेश चरणबद्ध तरीके से होना था और इसमें बाहरी निवेशकों की भूमिका होती।
इस डील के तहत उत्तर प्रदेश में AI पार्क, बड़े डेटा सेंटर, AI कॉमन्स प्लेटफॉर्म और AI यूनिवर्सिटी बनाने की योजना थी। इसे राज्य को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा था। हालांकि, विवाद और जांच के बाद यह बड़ा प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है।