

TRAI New Rules On Complaint: क्या आप भी मोबाइल नेटवर्क, कॉल ड्रॉप और स्लो इंटरनेट जैसी समस्याओं से परेशान है तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर आई है। बता दें कि Telecom Regulatory Authority of India ने टेलीकॉम कंपनियों की शिकायत निवारण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने को लेकर प्रस्ताव रखा है। ऐसे में अगर यह नया सिस्टम लागू हो जाता है तो Jio, Airtel और Vi जैसी कंपनियों को ग्राहकों की शिकायतों का समाधान पहले से ज्यादा तेज करना होगा। इस पूरी नई व्यवस्था को लेकर सरकार का मानना है कि मौजूदा शिकायत प्रणाली अब पुराने हो चुकी है जिसका जरूरत के हिसाब से बदलना जरूरी है।
नियमों को बदलने के बारें में TRAI ने जानकारी दी है कि Telecom Consumers Complaint Redressal Regulation को पहली बार 2012 में लागू किया गया था। जिसके बाद 2012, 2013 और 2014 में तो इसमें कुछ बदलाव देखे गए लेकिन उसके बाद से किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ, वहीं आज के समय को देखते हुए जिसमें टेक्नोलॉजी और ग्राहकों की आदतें बदल चुकी हैं इसको भी बदलने की जरूरत है। पहले की शिकायत प्रणाली के बारे में बताए तो ज्यादातर लोग IVRS पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराया करते थे लेकिन अब ग्राहक मोबाइल ऐप्स, वेब पोर्टल और ईमेल के जरिए भी शिकायत करते है। जिससे यह साफ पता चलता है कि पुराने नियम डिजिटल दौर की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है।
इस नए ड्राफ्ट में नियमों को बदलने का सबसे बड़ा मकसद शिकायत दर्ज कराना और उसे ट्रैक करने के तरीके के आसान बनाना है। सरकार का कहना है कि यूजर्स को बिना लंबी कॉल और इंतजार के सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म से समस्या दर्ज करने का फायदा मिलना चाहिए। जिससे समय की बचत हो सकें। इसके साथ ही अगर किसी ग्राहक को कंपनी की तरफ से दिया गया समाधान पसंद नहीं आता है तो वह पर अपील करने की प्रक्रिया को भी पहले से ज्यादा आसान, पारदर्शी और तेज बनाने पर काम हो रहा है।
TRAI ने अपने द्वारा दी जानकारी में यह साफ किया है कि ग्राहक अब केवल कॉल सेंटर पर निर्भर नहीं रहना चाहता। लोगों को तेज AI चैटबॉट्स, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल करना ज्यादा आसान और सही लगता है। जिस कारण से नए नियमों में डिजिटल माध्यमों का होगा जरूरी है। यदि यह बदलाव हो जाता है तो टेलीकॉम कंपनियों पर भी दबाव बढ़ेगा जिसमें उन्हें शिकायतों का जवाब तेजी से देना होगा और बेहतर ट्रैकिंग सिस्टम को भी रखना होगा।
वैसे तो सरकार ने इस ड्राफ्ट नियम को सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है। जिसपर टेलीकॉम कंपनियां, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और आम लोग राय दे सकते हैं। वहीं यदि आप भी सुझाव भेजना चाहते है तो आप 5 जून 2026 तक भेज सकते है। जिसके बाद अगर यह नया ढांचा लागू होता है तो आने वाले समय में मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट स्पीड, कॉल ड्रॉप और बिलिंग जैसी समस्याओं का समाधान ग्राहको को तेजी से मिलेगा और वह आसानी से इसके लिए अपील भी कर सकेंगे।