भारत का पहला Analog Space Mission, ISRO अंतरग्रहीय आवास ढूंढेगा जीवन

अंतरिक्ष एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि यह मिशन पृथ्वी से परे स्थित किसी 'बेस स्टेशन' की चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरग्रहीय निवासस्थल की तरह काम करेगा।
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इसरो का 'एनालॉग अंतरिक्ष मिशन' लद्दाख के लेह से शुरू बेंगलुरु, एक नवंबर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (सौ. X)
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नवभारत डिजिटल डेस्क. इसरो का 'एनालॉग अंतरिक्ष मिशन' लद्दाख के लेह से शुरू बेंगलुरु, एक नवंबर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को कहा कि उसका 'एनालॉग' अंतरिक्ष मिशन लद्दाख के लेह में शुरू किया गया है।

X पर दी जानकारी

अंतरिक्ष एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि यह मिशन पृथ्वी से परे स्थित किसी 'बेस स्टेशन' की चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरग्रहीय निवासस्थल की तरह काम करेगा। इसरो ने कहा, "भारत का पहला एनालॉग अंतरिक्ष मिशन लेह से शुरू हुआ।''

बयान में कहा गया है, "मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र, इसरो, एएकेए स्पेस स्टूडियो, लद्दाख विश्वविद्यालय, आईआईटी बंबई और लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के सहयोग से यह मिशन अंतरग्रहीय आवास की तरह काम करेगा जो पृथ्वी से परे बेस स्टेशन की चुनौतियों से निपटेगा।''

कई संगठन मिलकर चला रहे हैं यह अभियान

इस प्रशिक्षण के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को कठिन भूभाग पर चलने, सीमित संचार और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अंतरिक्ष यात्रा के दौरान संभावित समस्याओं को पहले ही समझा और सुलझाया जा सकेगा। इसरो का यह एनालॉग स्पेस मिशन भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक प्रयास है। यह न केवल हमारे अंतरिक्ष यात्रियों को मजबूत कर रहा है बल्कि भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। आपको बता दें कि यह एनालॉग स्पेस मिशन ह्यूमन स्पेसफ्लाइट सेंटर, इसरो, AAKA स्पेस स्टूडियो, लद्दाख विश्वविद्यालय, IIT बॉम्बे का संयुक्त प्रयास है, जिसे लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद से समर्थन मिला है।

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