iPhone के USB Type-C कंट्रोलर में सुरक्षा खामी, साइबर हमले का खतरा बढ़ा

थॉमस रोथ, जो हार्डवेयर सिक्योरिटी और रिवर्स इंजीनियरिंग में विशेषज्ञ हैं, ने अपने डेमो में iPhone के ACE3 USB Type C कंट्रोलर को रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए हैकेबल बताया।
Apple USB type C
Apple USB type C को लोग कर सकते है हैक। (सौ. Freepik)
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नवभारत टेक डेस्क: दुनिया भर में iPhones को प्राइवेसी और सिक्योरिटी के मामले में नंबर-1 माना जाता है। लेकिन हाल ही में सिक्योरिटी रिसर्चर थॉमस रोथ ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनके मुताबिक, iPhone के USB Type C कंट्रोलर में ऐसी खामियां पाई गई हैं, जिन्हें हैक किया जा सकता है।

ACE3 कंट्रोलर की रिवर्स इंजीनियरिंग

थॉमस रोथ, जो हार्डवेयर सिक्योरिटी और रिवर्स इंजीनियरिंग में विशेषज्ञ हैं, ने अपने डेमो में iPhone के ACE3 USB Type C कंट्रोलर को रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए हैकेबल बताया। उन्होंने इस कंट्रोलर के फर्मवेयर और कम्यूनिकेशन प्रोटोकॉल्स की कमजोरियों का खुलासा किया। थॉमस ने यह भी दिखाया कि इसे रीप्रोग्राम कर साइबर अपराधी अनऑथराइज्ड एक्शन परफॉर्म कर सकते हैं।

हार्डवेयर रिवर्स इंजीनियरिंग क्या है?

हार्डवेयर रिवर्स इंजीनियरिंग का मतलब है किसी डिवाइस के डिजाइन और आर्किटेक्चर को समझने के लिए उसके कंपोनेंट्स को अलग करना। इस प्रक्रिया के जरिए रिसर्चर डिवाइस की सुरक्षा खामियों का पता लगाते हैं। थॉमस के डेमो के अनुसार, ACE3 कंट्रोलर को हैक कर iPhone की सिक्योरिटी बायपास की जा सकती है और मैलेशियस कोड इंजेक्ट किया जा सकता है।

USB Type C और iPhone 15

Apple ने पहली बार iPhone 15 में USB Type C पोर्ट पेश किया। इस पोर्ट में ACE3 कस्टम कंट्रोलर का उपयोग किया जाता है, जो डेटा ट्रांसफर और चार्जिंग के लिए जिम्मेदार है। यही ACE3 कंट्रोलर अब साइबर हमले का केंद्र बन गया है। टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

खतरे की घंटी

सिक्योरिटी विशेषज्ञों का कहना है कि USB Type C के जरिए iPhone को चार्ज और डेटा ट्रांसफर किया जाता है। अगर यह कंट्रोलर हैक हो जाता है, तो साइबर अपराधी iPhone यूजर्स की संवेदनशील जानकारी चोरी कर सकते हैं। डेटा ट्रांसफर के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल्स बायपास कर फोन में मैलेशियस कमांड भी इंजेक्ट की जा सकती है।

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