

Fin Influencer Scam: अगर आप भी Instagram या YouTube पर रील्स देखते है तो अभी सावधान हो जाए क्योंकि कई बार रील्स देखते हुए अचानक पैसा डबल करने या जल्दी अमीर बनने जैसी वीडियो आपके सामने भी आती होगी। इस तरह की रील्स देखकर ज्यादातर लोग इसके बारें में जानने के ले लिए आगे बढ़ते है लेकिन और कई बार ऐप भी डाउनलोड कर लेते हैं और अपना डीमैट अकाउंट खोलने तक भी पहुंच जाते हैं। वहीं अब यह नया ट्रेंड अब एक बड़े खतरा बनकर सामने आ रहा है।
पहले के समय में लोगों के लिए निवेश और बचत जैसा विषय गंभीर और ससोचने वाला माना जाता था, लेकिन सोशल मीडिया के आने के बाद से आज के युवा कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के मौके को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहते है और कुछ खो जाने के डर की मानसिकता को फोमो यानी Fear of Missing Out कहा जाता है। जिसके कारण से जल्दबाजी में लोग फैसले लेने पर मजबूर हो जाते है। जिसका फायदा फिन-इन्फ्लुएंसर्स उठाकर इंटरनेट पर तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहे है।
फिन-इन्फ्लुएंसर्स के बारें में बताए तो यह सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो डालते हैं, जिनमें कम समय में ज्यादा रिटर्न पाने जैसी जानकारी होती है। लेकिन इसके पीछे की सच्चाई यह है कि वह लोग सिर्फ रिजल्ट दिखाते हैं और रिस्क को छुपा लेते है। कई बार वीडियों में नजर आ रहे लोगों के पास आधिकारिक वित्तीय योग्यता भी नहीं होती , लेकिन लोगों को धोखा देने के लिए उनके बड़ी फॉलोइंग भरोसे का काम करते है। इस तरह के कंटेंट बनाने वालों के प्रोफाइल पर अक्सर एफिलिएट लिंक, ऐप साइन-अप और प्रमोशनल ऑफर्स छिपे होते हैं जिससे उनकी कमाई होती है।
वहीं इस तरह के ट्रेंड से होने वाला नुकसान भी अब छुपा नहीं है। इस तरह का मामला पुणे में अप्रैल के महीने में देख ने को मिला जिसमें फेक ट्रेडिंग स्कैम के जरिए 9.31 करोड़ रुपये की ठगी हुई। इसके अलावा लुधियाना में एक कारोबारी को क्रिप्टो स्कैम में करीब 20 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। वहीं इस तरह की समस्या सिर्फ भारत में देखने को नहीं मिलती है इसका असर अमेरिकी में भी दिख रहा है। जहां पर अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन ने बीते साल लोगों ने इंटरनेट स्कैम में 2.1 अरब डॉलर की ठगी की जानकारी दी थी।
विरल भट्ट संस्थापक मनी मंत्रा ने इस मामले पर कहा, "आज के समय में सबसे बड़ा जोखिम बाजार की अस्थिरता नहीं, बल्कि इन्फ्लुएंस होना है। इंटरनेट मीडिया ने निवेश को आसान, तेज और ग्लैमरस बना दिया है। इन्फ्लुएंसर्स अक्सर रिटर्न दिखाते हैं, रिस्क नहीं, परिणाम दिखाते हैं उसकी प्रक्रिया नहीं।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, "भरोसा करने से पहले पुष्टि करना जरूरी है। हमेशा याद रखें कि दौलत चुपचाप बनती है, शोर शराबे के साथ नहीं।"
इस तरह की माया से बचने के लिए आपको कुछ बातों को कभी नहीं भूलना है:
Navbharat सभी को यह सलाह देता है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाला कंटेंट सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि प्रोडक्ट बन चुका है। ऐसे में हम कोई सामान खरीदने से पहले 100 बार सोचते है वैसे ही किसी निवेश सलाह को मानने से पहले भी उसके बारें में सोचना चाहिए और उसकी बारे में पूरी जानकारी मिलने के बाद और सही तरह से पुष्टि होने के बाद ही उसमें निवेश करना चाहिए।