

Meta Vs Google: Google ने वीयरेबल टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा दांव खेलते हुए यह आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है कि कंपनी अगले साल दो AI-पावर्ड स्मार्टग्लासेस बाजार में उतारने जा रही है। फिलहाल Ray-Ban Meta ग्लासेस दुनिया में सबसे लोकप्रिय AI वीयरेबल बने हुए हैं और लॉन्च के साथ ही उन्होंने मार्केट में जोरदार पकड़ बना ली थी। ऐसे माहौल में गूगल की यह एंट्री कंज्यूमर वीयरेबल टेक मार्केट में नई प्रतिस्पर्धा खड़ी करने वाली है। कंपनी इस प्रोजेक्ट को लेकर सैमसंग, जेंटल मॉन्स्टर और वार्बी पार्कर जैसे दिग्गज ब्रांड्स के साथ मिलकर हार्डवेयर डेवलपमेंट पर काम कर रही है।
गूगल का लक्ष्य आने वाले वर्ष में दो अलग-अलग कैटेगरी के एआई स्मार्टग्लासेस लॉन्च करने का है।
यह ग्लास हैंड्स-फ्री जेमिनी एआई असिस्टेंट के उपयोग की सुविधा देगा। इसमें कैमरा या डिस्प्ले नहीं होगा, बल्कि यह एक स्मार्ट ऑडियो वेयरेबल की तरह काम करेगा। यूज़र इससे कॉल, क्वेरी, रिमाइंडर और कई एआई आधारित फीचर्स बिना फोन छुए इस्तेमाल कर सकेंगे।
इस हाई-टेक मॉडल में लेंस के अंदर ही डिस्प्ले दिया जाएगा, जो यूज़र को रियल-टाइम नेविगेशन, ट्रांसलेशन और कॉन्टेक्सचुअल जानकारी सीधे आंखों के सामने दिखाएगा। दोनों ही ग्लास Android XR ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेंगे, जिसे गूगल ने खास तौर पर मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट और उपकरणों के लिए तैयार किया है।
गूगल इससे पहले भी स्मार्टग्लास टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रख चुका है, लेकिन उस समय कंपनी की कोशिश ज्यादा सफल नहीं रही। इस पर बात करते हुए Sergey Brin ने कहा, "तब टेक्नोलॉजी पूरी तरह तैयार नहीं थी और सप्लाई चेन लिमिटेशन के कारण इसके प्राइस ज्यादा हो गए थे।" अब AI के दौर में कंपनी को विश्वास है कि इस बार तकनीक और पार्टनरशिप दोनों मजबूत हैं, जिससे प्रोडक्ट मार्केट में टिक पाएंगे।
पिछले कुछ समय से एआई वीयरेबल मार्केट में तेज़ी से हलचल बढ़ी है। वर्तमान में: Meta सबसे आगे है, Snap अपनी अगली पीढ़ी के स्मार्टग्लासेस पर काम कर रहा है, और Alibaba भी इस रेस में उतरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में गूगल के नए ग्लासेस वीयरेबल मार्केट में नई होड़ पैदा करने वाले हैं।