

फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन से भारत के लिए कई अहम खबरें सामने आई हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भारत का मानव-केंद्रित दृष्टिकोण पेश करते हुए दुनिया को एक स्पष्ट संदेश दिया है। जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात ने भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
जानकारी के लिए बता दें कि G7 समिट के आउटरीच सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI केवल तकनीकी प्रगति का साधन नहीं है। इसके साथ ही वो मानव विकास का माध्यम भी होना चाहिए। इस बात पर जोर देकर उन्होंने कहा कि AI का उद्देश्य इंसानी क्षमताओं को बढ़ाना होना चाहिए न कि उन्हें प्रतिस्थापित करना। जैसा कि सभी को पता है कि भारत ने हाल ही में AI Impact Summit की मेजबानी की थी और उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने AI के सुरक्षित, समावेशी और जिम्मेदार उपयोग की वकालत की। उनका कहना था कि तकनीक तभी सफल मानी जाएगी जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने AI से जुड़े बढ़ते जोखिमों के बीच वैश्विक समुदाय के सामने चार महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा कि AI सिस्टम शुरुआत से ही safe-by-design होने चाहिए। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर समान नियम और टेस्टिंग फ्रेमवर्क विकसित भी होना चाहिए। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने डीपफेक, फेक न्यूज और साइबर धोखाधड़ी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि AI का लाभ केवल विकसित देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, यह विकासशील देशों तक भी पहुंचे हम सभी क यह सुनिश्चित करना होगा।
G7 Summit 2026 में देखा गया कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बिटुरी थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर विस्तार से चर्चा की। वहीं बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और वैश्विक व्यापार को सुचारू बनाए रखने पर सहमति बनी।
देखा गया कि बैठक में भारत-अमेरिका COMPACT साझेदारी के तहत रक्षा, ऊर्जा, रणनीतिक तकनीक और व्यापार क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा भी की जा रही है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर भी जोर दिया गया। वहीं इस दिशा में अगले सप्ताह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर भारत आने वाले हैं। माना जा रहा है कि यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।