सौरमंडल से बाहर शुरू हुआ नए ग्रहों का निर्माण, वैज्ञानिकों ने देखी रोमांचक झलक

NASA: एक ऐतिहासिक खोज वैज्ञानिकों ने पहली बार सौरमंडल से बाहर एक ऐसे तारे की पहचान की है, जिसके चारों ओर आठ नए ग्रहों का जन्म हो रहा है। उनका कहना है कि ये पृथ्वी की तरह ही इसका विकास हो रहा है।
सौरमंडल से बाहर शुरू हुआ नए ग्रहों का निर्माण, वैज्ञानिकों ने देखी रोमांचक झलक
अंतरिक्ष में मिला नया ग्रह। (सौ. AI)
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NASA: अंतरिक्ष की गहराइयों से एक बेहद खास और ऐतिहासिक खोज सामने आई है। वैज्ञानिकों ने पहली बार सौरमंडल से बाहर एक ऐसे तारे की पहचान की है, जिसके चारों ओर आठ नए ग्रहों का जन्म हो रहा है। यह तारा पृथ्वी से लगभग 1300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह खोज नासा की जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कॉप (JWST) और यूरोप की दक्षिणी वेधशाला (ESO) ने मिलकर की है। “यह दृश्य किसी नए सौरमंडल के जन्म की पहली झलक हो सकता है,” – नासा के वैज्ञानिकों का दावा।

गैस और धूल की डिस्क में पल रहा जीवन

इस नवोदित तारे के चारों ओर गैस और धूल से बनी विशाल डिस्क देखी गई है, जो ग्रहों के निर्माण का आधार होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी डिस्क में ग्रहों की प्रारंभिक संरचना तैयार होती है। यहां पर मौजूद गर्म खनिज भी देखे गए हैं, जो समय के साथ ग्रहों को आकार देने में मदद करते हैं। “इन खनिजों की ऊष्मा और घनत्व भविष्य के ग्रहों के विकास में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।”

क्या यह एक नया सौरमंडल है?

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज किसी नए सौरमंडल की शुरुआत हो सकती है। जिस प्रकार हमारे सौरमंडल में पृथ्वी, मंगल, शुक्र जैसे ग्रह बने, वैसा ही परिदृश्य इस नई प्रणाली में भी देखा जा रहा है। यह एक बड़ी खगोलीय घटना है, जो हमें ब्रह्मांड में जीवन की संभावनाओं और ग्रहों के बनने की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकती है। “जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कॉप और ईएसओ ने मिलकर इस अद्भुत घटना की तस्वीरें कैद की हैं।”

भविष्य की रिसर्च की खुलती संभावनाएं

यह खोज खगोलविदों और वैज्ञानिकों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में इन ग्रहों के आकार, वातावरण और संरचना पर गहराई से अध्ययन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि क्या इनमें से किसी ग्रह पर जीवन की संभावना मौजूद है। जिससे भविष्य की तस्वीर को तैयार किया जा सकें और आने वाले समय में ग्रहों को और करीब से समझ जा सकें, जिससे ज्ञान में विश्तार होगा।

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