AI की दुनिया में चीन का जवाब, ChatGPT से टक्कर में उतारा DeepSeek R1

उस समय दुनिया के कई देश, खासकर चीन, इस रेस में काफी पीछे थे। चीन, जो तकनीकी क्षेत्र में अमेरिका से आगे निकलने की कोशिश में लगा रहता है, उस वक्त AI रेस में कहीं नजर नहीं आ रहा था।
Deepseek vs openai
ChatGPT को टक्कर देने आया Deepseek. (सौ. Design)
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नवभारत टेक डेस्क: लगभग दो साल पहले, OpenAI ने जब ChatGPT को लॉन्च किया, तो यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ा कदम था। उस समय दुनिया के कई देश, खासकर चीन, इस रेस में काफी पीछे थे। चीन, जो तकनीकी क्षेत्र में अमेरिका से आगे निकलने की कोशिश में लगा रहता है, उस वक्त AI रेस में कहीं नजर नहीं आ रहा था।

हालांकि, ChatGPT के बाद गूगल, मेटा, और ऐमेजॉन ने अपने AI चैटबॉट्स लॉन्च कर दिए। इस रेस में चीन के दिग्गज प्लेयर्स जैसे Alibaba और Baidu ने भी अरबों डॉलर खर्च करना शुरू किया। लेकिन अब चीन की ओर से एक नया नाम सामने आया है – DeepSeek।

क्या है DeepSeek R1?

DeepSeek R1 एक रिजनिंग मॉडल है, जिसे चीनी स्टार्टअप DeepSeek ने विकसित किया है। इसे ऑगमेंटेड रिजनिंग और एनालिटिकल कैपेबिलिटी के लिए तैयार किया गया है। DeepSeek R1 को लॉन्च हुए सिर्फ एक महीना हुआ है और यह तेजी से पॉपुलर हो रहा है।

DeepSeek का हेडक्वार्टर चीन के हांग्जो शहर में है। इस कंपनी की स्थापना 2023 में लियांग वेनफेंग ने की थी। इसका उद्देश्य AGI (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) का विकास करना है।

DeepSeek R1 क्यों है खास?

DeepSeek R1 की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह इसकी कम कीमत है।

  • OpenAI के मॉडल की लागत: 15 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 60 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन।
  • DeepSeek R1 की लागत: महज 0.55 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 2.19 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन।

DeepSeek के अनुसार, इस मॉडल को बनाने में केवल दो महीने और करीब 60 लाख डॉलर का खर्च आया। इसके विपरीत, OpenAI, Google, और Microsoft ने अपने AI मॉडल्स पर अरबों डॉलर और कई साल लगाए।

चीन का AI में बढ़ता दबदबा

DeepSeek R1 को मिल रही सफलता दिखाती है कि चीन अब AI की दौड़ में बड़े स्तर पर शामिल हो चुका है। इस रिजनिंग मॉडल की परफॉर्मेंस और किफायती कीमत इसे वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बना रही है।

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