CES ने इंडियन टेक्नोलॉजी के बारे में दिया बड़ा बयान, भारत की कहानी को बताया दिलचस्प

दुनिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजिकल कार्यक्रम सीईएस 7 से 10 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। सीईएस में पहली बार कुछ छोटे भारतीय उद्यमों को शामिल होते देखना वाकई रोमांचक था। 
दुनिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजिकल कार्यक्रम सीईएस 7 से 10 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। सीईएस में पहली बार कुछ छोटे भारतीय उद्यमों को शामिल होते देखना वाकई रोमांचक था।
इंडियन टेक्नोलॉजी (सौजन्य : सोशल मीडिया )
Updated on
लास वेगास :  पिछले कुछ समय में भारतीय टेक्नोलॉजी के सेक्टर में एक अहम बदलाव आया है। इसी सिलसिले में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो यानी सीईएस के उपाध्यक्ष जॉन केली ने कहा है कि इंडियन टेक्नोलॉजी की कहानी काफी रोमांचकारी है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि ये सीईएस में भी जारी रहेगी, जहां भारत के कई स्टार्टअप और बिजनेस अपने इनोवेशन का प्रदर्शन कर रहे हैं।
केली ने यहां ‘पीटीआई-भाषा' के साथ स्पेशल इंटरव्यू में कहा है कि भारत की कहानी वाकई दिलचस्प है। यह निश्चित रूप से पिछले कई सालों में काफी व्यापक हुई है। दुनिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजिकल कार्यक्रम सीईएस 7 से 10 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इसमें ग्लोबल कंपनियां, टॉप ब्रांड, इनोवेटिव स्टार्टअप, बिजनेस वर्ल्ड के लोग, मीडिया तथा सरकारी अधिकारी एक साथ आएंगे।

इंडियन टेक्नोलॉजी की गाथा रोमांचक

संगठन के अनुसार, उपभोक्ता प्रौद्योगिकी एसोसिएशन यानी सीटीए के इस बिजनेस प्रोग्राम में 1,400 स्टार्टअप सहित 4,500 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। 300 से ज्यादा सम्मेलन सेशन में 1,100 वक्ता भाग लेंगे। इस वर्ष भारत के स्टार्टअप तथा उद्यमी बिजनेस प्रोग्राम में अपने टेक्नोलॉजिकल प्रोडक्ट्स और पेशकशों का प्रदर्शन करेंगे। केली ने कहा है कि इंडियन टेक्नोलॉजी की गाथा काफी रोमांचक है। भारत तेजी से एक प्रमुख ग्लोबल खिलाड़ी बनता जा रहा है और ग्लोबल टेक्नोलॉजी परिवेश में इसका महत्व बढ़ता जा रहा है।

पहला भारतीय मंडप

उन्होंने कहा कि कई ग्लोबल कंपनियां भारतीय और ग्लोबल दोनों बाजारों के लिए टेक्नोलॉजी के विकास हेतु भारतीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रही है। सीईएस में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। इससे पहले एक संवाददाता सम्मेलन में ‘पीटीआई-भाषा' के एक सवाल के जवाब में केली ने कहा था कि 2024 में सीईएस में ‘शो फ्लोर' पर पहला भारतीय मंडप होगा।
उन्होंने कहा है कि सीईएस में पहली बार कुछ छोटे भारतीय उद्यमों को शामिल होते देखना वाकई रोमांचक था। सीईएस बड़ी तथा छोटी कंपनियों को वास्तव में अपनी प्रौद्योगिकी, उत्पाद और समाधान पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का अवसर देने के लिए ही पहचाना जाता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Navbharat Live
navbharatlive.com