Facebook पर सस्ते सामान का ऑफर देख रहे हैं? एक गलती से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, पुलिस का बड़ा अलर्ट

Facebook Scam: फेसबुक पर सस्ते दाम में फ्रिज, टीवी, सोफा या अन्य घरेलू सामान बेचने का दावा करने वाली पोस्ट दिखाई दे रही है तो सावधान हो जाइए। साइबर ठग इन दिनों लोगों को फंसाने के नया तरीका ला रहे है।
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Facebook Scam (Source. Gemini)
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CRPF Scam: आपको भी कभी फेसबुक पर बेहद सस्ते दाम में फ्रिज, टीवी, सोफा या अन्य घरेलू सामान बेचने का दावा करने वाली पोस्ट दिखाई दे रही है तो सावधान हो जाइए। साइबर ठग इन दिनों लोगों को फंसाने के लिए नया तरीका अपना रहे हैं। इस तरह की पोस्ट से वे दावा करते हैं कि यह सामान CRPF, सेना या पुलिस के उन कर्मियों का है जिनका तबादला हो गया है और इसलिए वे जल्दबाजी में अपना घरेलू सामान बेच रहे हैं। इसी बहाने लोगों से एडवांस पेमेंट लेकर उन्हें ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।

DCP के नाम से बना फर्जी फेसबुक अकाउंट

पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी के डीसीपी एम. नारायण ने लोगों को इस नए साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों ने नारायण एम, आईपीएस नाम से एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई है और उसके जरिए लोगों को सस्ते घरेलू सामान का लालच दिया जा रहा है। इस बात की जानकारी डीसीपी ने एक वीडियो के जरिए दी जिसमें उन्होंने कहा, "ठग लोग कहते हैं कि यह सामान सीआरपीएफ सेना, या उन पुलिस कर्मियों का है, जिनका ट्रांसफर हो चुका है। वे अपना घरेलू सामान बेचना चाहते हैं।"

ऐसे होती है पूरी ठगी

इस ठगी के तरीके को देखे तो इसमें अपराधी पहले आकर्षक कीमतों पर सामान बेचने का भरोसा दिलाते हैं। जब कोई व्यक्ति खरीदने के लिए तैयार हो जाता है तो उससे टोकन मनी या पूरा एडवांस ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही पैसे भेजे जाते हैं ठग मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं और सभी संपर्क खत्म कर देते हैं। इस मामले पर पुलिस बताती है कि इस तरह की धोखाधड़ी के मामले हेब्बागोडी, विजयपुरा और कोलार समेत कई इलाकों में दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी भी किसी से अपनी ओर से कोई सामान बेचने या खरीदने के लिए नहीं कहा है।

इन बातों का रखें खास ध्यान

इस तरह के मामले को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर ऑफर भरोसेमंद नहीं होता। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना सामान देखे टोकन मनी या एडवांस पेमेंट बिल्कुल न करें। पहले विक्रेता की पहचान की पुष्टि करें, सामान की वास्तविक स्थिति जांचें और संभव हो तो आमने-सामने डील करें। यदि आप इस तरह की ठगी का शिकार हो जाएं तो बिना देर किए नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं। थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।

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