भारत ने रचा इतिहास, 24 घंटे में 2.5 लाख लोगों ने लिया Responsible AI का संकल्प, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

Narendra Modi AI pledge: देश ने 24 घंटे के भीतर "most pledges received for an AI responsibility campaign in 24 hours" का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर वैश्विक स्तर पर मिसाल कायम की है।
2.5 lakh people took the Responsible AI pledge in 24 hours make a Guinness World Record in AI Impact Summit 2026
Guinness World Record in AI Impact Summit 2026 (Source. Navbharat Live)
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Guinness World Record In AI Impact Summit 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भारत ने दुनिया को एक नई दिशा दिखा दी है। देश ने 24 घंटे के भीतर "most pledges received for an AI responsibility campaign in 24 hours" का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर वैश्विक स्तर पर मिसाल कायम की है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि India AI Impact Summit 2026 के दौरान हासिल हुई, जिसका आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के तहत इंडिया AI मिशन ने Intel के सहयोग से किया।

5 हजार का लक्ष्य, 2.5 लाख से ज्यादा ने लिया संकल्प

16 और 17 फरवरी 2026 को चले इस अभियान का उद्देश्य AI के जिम्मेदार और मानव-केंद्रित उपयोग को बढ़ावा देना था। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से न्यूनतम 5,000 प्रतिज्ञाओं का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन देशवासियों ने उम्मीद से कहीं ज्यादा समर्थन दिया।

कुल 2,50,946 लोगों ने इस अभियान में भाग लेते हुए संकल्प लिया। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, "responsible use" को AI तकनीकों के नैतिक, कानूनी और सामाजिक रूप से लाभकारी उपयोग के रूप में परिभाषित किया गया।

प्रतिभागियों ने वादा किया कि वे:

  • AI का दुरुपयोग नहीं करेंगे
  • प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा का सम्मान करेंगे
  • भेदभाव और नुकसान को कम करने की कोशिश करेंगे
  • AI से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखेंगे

युवाओं ने दिखाई सबसे बड़ी ताकत

इस अभियान में देश के युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। 2.5 लाख से ज्यादा छात्रों ने समाज की भलाई के लिए AI का उपयोग करने की शपथ ली। समिट के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने छात्रों को यह संकल्प लेते हुए देखा, जो इस पहल के प्रति सरकार की गंभीरता और भविष्य की सोच को दर्शाता है।

सरकार और Intel की साझेदारी से बना संभव

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे भारत सरकार और Intel इंडिया की मजबूत साझेदारी रही। Intel की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सिनी अयंगर ने कहा कि AI और जिम्मेदारी को "hand in hand" चलना चाहिए।

वहीं, आधिकारिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड निर्णायक प्रवीन पटेल ने पुष्टि की कि रिकॉर्ड प्रक्रिया पूरी तरह वैध रही। यह सुनिश्चित करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डिजिटल ऑडिटर्स की मदद ली गई, ताकि हर प्रतिज्ञा किसी इंसान द्वारा ही की गई हो।

भारत देगा दुनिया को नई सोच

रिकॉर्ड प्रमाणपत्र स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि AI के वैश्विक विमर्श में भारत को नेतृत्व करना चाहिए। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि भारत AI को मानव मूल्यों, जवाबदेही और नैतिकता से जोड़कर आगे बढ़ाना चाहता है।

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