

जयपुर. मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केन्द्र सरकार और भाजपा नेताओं पर किसान आंदोलन का समाधान नहीं करने पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि "कुत्ता भी मरता है तो दिल्ली के नेताओं का शोक संदेश आता है लेकिन 600 किसानों का शोक संदेश का प्रस्ताव लोकसभा में पास नहीं हुआ।"
मलिक ने घोषणा की कि किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए अगर उनका पद भी चला जाए तो उन्हें कोई मलाल नहीं होगा। जयपुर में ग्लोबल जाट समिट को संबोधित करते हुए मलिक ने कहा कि उन्हें किसानों के मुद्दे पर दिल्ली के नेताओं को निशाना बनाने पर राज्यपाल का अपना पद खोने का डर नहीं है.. "राज्यपाल को हटाया नहीं जा सकता लेकिन कुछ मेरे शुभचिंतक हैं जो इस तलाश में रहते है कि यह कुछ बोले और इसे हटाया जाए।"
https://twitter.com/ANI/status/1457324735038038017
उन्होंने कहा कि "मैं कुछ भी छोड़ सकता हूं लेकिन मैं यह नहीं देख सकता कि किसानों के साथ जुल्म हो रहा हो, वो हराये जा रहे हों.. उन्हें भगाया जा रहा हो और हम अपना पद लिये बैठे रहें तो इससे बड़ी लानत की कोई बात नहीं हो सकती।"
मलिक ने कहा, "पहले दिन जब मैं किसानों के पक्ष में बोला था तो यह तय करके बोला था कि मैं यह पद छोड़ दूंगा और किसानों के धरने पर आकर बैठ जाऊंगा।" (एजेंसी)