

पुणे. पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट मामले में पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सख्त कार्रवाई की है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में येरवडा पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस निरीक्षक (पीआई) राहुल जगदाले और सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) विश्वनाथ टोडकरी को सस्पेंड किया है।
कल्याणी नगर में एक्सीडेंट के दौरान पुलिस ने कंट्रोल रूम को इस घटना के बारे में सूचित नहीं किया था। जिसके चलते दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।
इससे पहले दिन में अमितेश कुमार ने बताया कि आंतरिक जांच में मामला दर्ज करते समय पुलिस अधिकारियों से चूक की बात सामने आई। उन्होंने स्वीकार किया कि किशोर के रक्त के नमूने एकत्र करने में देरी हुई थी, जिसने दुर्घटना से पहले दो बार में शराब पी थी।
कुमार ने कहा कि एक्सीडेंट रत तीन बजे हुआ लेकिन नाबालिग आरोपी को मामला दर्ज होने के बाद रविवार सुबह करीब 9 बजे ससून अस्पताल भेजा गया था। रक्त के नमूने लेने में देरी हुई और रात 11 बजे नमूने लिए गए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक प्राथमिकी में धारा 304 ए (लापरवाही से मौत) लागू की गई थी, लेकिन उसी दिन इसकी जगह धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) को लागू कर दिया गया।
गौरतलब है कि कल्याणी नगर में रविवार (19 मई) रात सवा तीन बजे के कुछ दोस्त पार्टी कर बाइक पर घर लौट रहे थे इसी दौरान पोर्शे कार चला रहे 17 वर्षीय नाबालिग ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दो लोग गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नाबालिग नशे में धुत था। मृतकों की पहचान अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में हुई है। दोनों की उम्र 24 वर्ष थी। वे आईटी पेशेवर थे और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे।
पुलिस ने इस मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल, शराब परोसने वाले कोज़ी बार के मालिक नमन भूटाडा, उसके मैनेजर सचिन काटकर, ब्लैक बार के मैनेजर संदीप सांगले और उसके कर्मचारी जयेश गावकर और नितेश शेवानी को गिरफ्तार किया है। इन सभी को आज अदालत ने 7 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा है। वहीं, कार से दो इंजीनियरों को रौंदने वाले नाबालिग आरोपी को 5 जून तक बाल सुधार गृह में भेजा गया है।