नक्सली के नाम पर लेवी मांगने वाले अपराधी को हथियार के साथ हजारीबाग पुलिस ने किया गिरफ्तार

Hazaribagh police arrested a criminal who demanded levy in the name of Naxalite with a weapon
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ओमप्रकाश मिश्र 

रांची. भाकपा माओवादी के नाम पर लेवी (Levy) मांगने वाले एक अपराधी (Criminal) मोहम्मद जब्बार को हजारीबाग पुलिस (Hazaribagh Police) ने गिरफ्तार (Arrested) किया है। उसके पास से एक देसी कार्बाइन, एक सिंगल शॉट देसी राइफल, छह जिंदा कारतूस, चार सेट केमोफलाइज वर्दी और दो मोबाइल बरामद किया गया है। मोहम्मद जब्बार गरसूला थाना उरीमारी थाना क्षेत्र के गरसुला का रहने वाला है। यह जानकारी एसपी मनोज रतन चौथे ने दी। एसपी ने बताया कि गिद्दी थाना के एक ट्रांसपोर्टर ने उन्हें सूचना दी थी कि उनके मोबाइल (Mobile) नंबर पर भाकपा माओवादी के नाम पर लेवी के लिए लगातार कई दिनों से कॉल कर दबाव बनाया जा रहा है, साथ ही जान माल के नुकसान की धमकी दी जा रही है। व्यवसायी की इस सूचना पर गिद्दी थाना में एफआईआर (FIR) दर्ज किया गया।

एसडीपीओ बड़कागांव मो. नेहालुद्दीन के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस ने लेवी मांगने वाले के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखा तो पता चला कि मोबाइल धारक हजारीबाग स्थित उरीमारी थाना क्षेत्र के गरसूला गांव का रहने वाला है। पुलिस ने इसके बाद उसके ठिकाने पर छापेमारी की। इस दौरान घर की घेराबंदी के क्रम में मोहम्मद जब्बार पुलिस को देख कर अपना सिंगल शॉट राइफल लेकर घर के दरवाजे की ओर भागने लगा। पर पुलिस कर्मियों ने उसे दबोच लिया। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से एक लोडेड सिंगल शॉट देशी रायफल, छह जिंदा कारतूस और पेंट के पैकेट से दो मोबाइल बरामद किया गया। इसमें एक मोबाइल बंद था। उस मोबाइल को ऑन करने पर पता चला कि धमकी देने वाले नंबर का सिम उसी मोबाइल सेट में लगा है। 

घर में मिले हथियार

पुलिस ने उसके घर से एक देशी कार्बाइन, चार सेट केमोफलाइज वर्दी और भाकपा माओवादी प्रतिबंधित संगठन का एक पर्चा भी बरामद किया। अभी हाल ही में हजारीबाग जिले में पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण करने वाले मनोज रतन चौथे ने कहा कि हजारीबाग जिले में भाकपा माओवादी बहुत हद तक अपने पुराने जीवन में लौटते दिख रहे है पर कुछ फितरती किश्म के अपराधियों ने इस काम को आजीविका बना लिया हैI गौरतलब है कि माओवादियों को मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखंड सरकार और झारखंड पुलिस सतत प्रयासरत है और इसी प्रयास का नतीजा है कि दर्जनों हार्डकोर माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर सरकार द्वारा चलाए गए अभियान के तहत मुख्य धारा में लौट रहे हैंI 

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