प्राण प्रतिष्ठा पर रामनगरी में होंगे समूचे भारत के दर्शन

Ayodhya Ram Mandir Photos
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  • मालिनी अवस्थी-कन्हैया मित्तल सरीखे कलाकारों से सुरमयी होगी सांझ 
  • राम की पैड़ी पर होगी लेजर शो व इको फ्रेंडली आतिशबाजी 
  • आंध्र प्रदेश, राजस्थान,  हिमाचल की संस्कृति का भी आज अयोध्या में होगा दीदार

अयोध्या: आखिरकार 22 जनवरी की वह तिथि आ ही गई, जिसका इंतजार 500 वर्षों से था। इस तिथि पर समूची रामनगरी को सजाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद ही सारी व्यवस्था की कमान संभाली और निरंतर निरीक्षण कर अभूतपूर्व आयोजन का निर्देश भी दिया। अब 22 जनवरी को रामनगरी में समूचे भारत के दर्शन होंगे। संस्कृति मंत्रालय के क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के 200 कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इनमें यहां आंध्र प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, मेजबान उत्तर प्रदेश की झलक प्रस्तुत होगी। वहीं मालिनी अवस्थी- कन्हैया मित्तल सरीखे कलाकार भी सुरमयी सांझ सजाएंगे। राम की पैड़ी पर इको फ्रेंडली आतिशाबाजी व लेजर शो भी होगा। 

राम की पैड़ी पर होगी लेजर शो व इको फ्रेंडली आतिशबाजी 
22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत अनेक आयोजन होंगे। शाम छह बजे से श्रीराम भारती कला केंद्र की तरफ से रामकथा पार्क में रामलीला होगी। वहीं पर्यटन विभाग के तत्वावधान में शाम 6.30 बजे से सात बजे तक राम की पैड़ी पर सरयू आरती होगी। सात बजे तक यहीं प्रोजेक्शन शो का आयोजन किया गया है। शाम साढ़े सात से 7.45 तक राम की पैड़ी पर लेजर शो होगा। इसके पश्चात इको फ्रेंडली आतिशबाजी का नजारा प्रस्तुत किया जाएगा।

मालिनी अवस्थी, कन्हैया मित्तल के कार्यक्रमों से सुरमयी होगी सांझ 
रामनगरी में प्राण-प्रतिष्ठा की सांझ पद्मश्री मालिनी अवस्थी तथा कन्हैया मित्तल सरीखे कलाकारों से सुरमयी होगी। तुलसी उद्यान पर रात्रि 8 से 9 बजे तक मालिनी अवस्थी का कार्यक्रम होगा। इसी अवधि में कन्हैया मित्तल रामकथा पार्क में प्रस्तुति देंगे। तुलसी उद्यान में शाम सात से आठ बजे तक उज्जैन के शर्मा बंधु भजनों की सुर गंगा में डुबकी लगाएंगे। इसी अवधि में राम कथा पार्क नागपुर के वाटेकर सिस्टर्स की प्रस्तुति होगी। प्रतिदिन की भांति सुबह 10.30 से भजन संध्या स्थल पर देवकीनंदन ठाकुर की श्रीरामकथा होगी। 

क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के 200 कलाकार देंगे प्रस्तुतियां 
उप्र के विभिन्न अंचलों के लोकनृत्यों के कलाकारों के साथ ही संस्कृति मंत्रालय के क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के 200 कलाकारों की तरफ से अयोध्या के 100 चिह्नित स्थलों पर सांस्कृतिक शोत्रायात्रा होगी। इसमें हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों के कलाकार भी हिस्सा लेंगे।

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