राजेश मिश्र@नवभारत
लखनऊ: लंबे समय तक देश व प्रदेश में पिछड़े इलाके में शुमार रहा बुंदेलखंड अब उत्तर प्रदेश का पावर हाउस बनेगा। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के सात जिलों में सौर ऊर्जा की दस बड़ी परियोजनाओं से 3000 मेगावाट से ज्यादा बिजली पैदा होगी।
हाल ही में संपन्न हुए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में बुंदेलखंड के लिए 30000 करोड़ रुपये की 29 बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हुयी है। इनमें से दस परियोजनाएं सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी हुयी हैं, जबकि बुंदेलखंड के हमीरपुर को छोड़कर बाकी सभी 6 जिलों जालौन, झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट और महोबाद में स्थापित हो रही हैं। अकेले झांसी जनपद में तीन सौर ऊर्जा की परियोजनाएं स्थापित होने जा रही हैं।
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी में टुस्को की ओर से 600 मेगावाट सोलर प्लांट की स्थापना की जा रही है। करीब 3430 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 300 रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। इसके अलावा फोर्थ पार्टनर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड 1200 करोड़ रुपये की लागत से 100 मेगावाट सोलर प्लांट की स्थापना करेगा, जिससे 1000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं सन सोर्स एनर्जी 600 करोड़ रुपये की लागत से 135 मेगावाट के ओपन एक्सेस सोलर पावर प्रोजेक्ट की शुरुआत करेगा, जिससे 2000 रोजगार पैदा होंगे।
इसी तरह बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में टुस्को की ओर से 600 मेगावाट सोलर पॉवर प्लांट को स्थापित किया जा रहा है। लगभग 3450 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 300 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसी प्रकार सूर्य ऊर्जा फोर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 150 करोड़ की लागत से 10-15 मेगावाट सोलर पॉवर प्रोजेक्ट लगाया जाएगा, जो 200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगा। बांदा में अवाडा इंड सोलर प्राइवेट लिमिटेड 350 करोड़ की लागत से 750 मेगावाट सोलर पॉवर प्रोजेक्ट स्थापित करेगा। इसके अलावा 62 करोड़ की लागत से सनश्योर सोलर पार्क एट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 15 मेगावाट सोलर पॉवर प्रोजेक्ट की स्थापना की जा रही है।