योगी राज में बदली बुंदेलखंड की तस्वीर, उभर रहा औद्योगिक मानचित्र पर

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राजेश मिश्र@नवभारत 
लखनऊ: सूखे, गरीब और पलायन की पहचान बन चुके उत्तर प्रदेश के पिछड़े इलाके बुंदेलखंड की सूरत और सीरत योगी सरकार ने छह सालों में बदली है। योगी सरकार ने बुंदेलखंड में मिशन मोड पर काम करते हुए बड़ी-बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी और कभी प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाकों में एक माने जाने वाले इस क्षेत्र को अग्रणी स्थान पर लाने का काम किया है। योगी सरकार ने एक ओर जहां झांसी में नोएडा की तर्ज पर इंडस्ट्रियल सिटी बसाने के लिए बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) की स्थापना की गई तो वहीं दूसरी ओर ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण को भी हरी झंडी मिली। डिफेंस कॉरिडोर में बड़ी कंपनियों ने ने भूमिपूजन करने के साथ ही यूनिट के निर्माण का काम शुरू कर दिया। स्मार्ट सिटी झांसी की कई परियोजनाएं पूरी हुईं तो पर्यटन, कृषि, रोजगार, खेल आदि के क्षेत्र में इस एक वर्ष में कई बड़े निर्णय सरकार की ओर से लिए गए हैं। 

इसी साल उत्तर प्रदेश सरकार ने झांसी शहर के निकट 33 गांवों में विस्तारित बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) के गठन को मंजूरी दी। देश के कई बड़े औद्योगिक समूहों ने उत्तर प्रदेश सरकार से बीडा में जमीन आवंटन के लिए अपना प्रस्ताव दिया है। योगी सरकार की योजना नोएडा की तर्ज पर यहां इंडस्ट्रियल सिटी बसाने की है। इसके साथ ही प्रदेश में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की इकाई की स्थापना के लिए वर्ष 2021 में पीएम मोदी ने आधारशिला रखी थी। 

इस साल इसकी यूनिट के निर्माण के लिए भूमिपूजन के साथ ही स्थापना का काम शुरू कर दिया गया। इस क्षेत्र में कई अन्य इकाइयों की स्थापना के लिए यूपी सरकार के सामने प्रस्ताव आए हैं। ललितपुर जिले में पांच गांव में 1472 एकड़ क्षेत्रफल पर बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए प्रक्रिया इस साल शुरू हो गई है। मास्टर प्लान और प्रोजेक्ट रिपोर्ट की तैयारी के लिए यूपीसीडा ने काम शुरू कर दिया है। 

पहले चरण में 300 एकड़ क्षेत्रफल में आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने के लिहाज से डीपीआर तैयार किया जाना है। यूपी सरकार ललितपुर जिले को जेनरिक दवाओं के हब के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। इस पार्क को विकसित करने के लिए यूपी सरकार कई प्रतिष्ठित रिसर्च संस्थानों को नॉलेज पार्टनर बना रही है। बुंदेलखंड के ऐतिहासिक स्थलों को एडॉप्ट ए हेरिटेज योजना के तहत विकसित करने के लिए सरकार ने कई स्थलों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए। देश के कई प्रतिष्ठित होटल समूहों ने इन स्थानों में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। एडॉप्ट ए हेरिटेज योजना के माध्यम से झांसी के बरुआसागर किला, राम जानकी मंदिर गरौठा, पठामढ़ी का मंदिर गरौठा और बंजारी का मंदिर एवं बेर के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। 

इनके अलावा बुंदेलखंड के रॉक कट गुफाएं देवगढ़ ललितपुर, सुमेरगढ़ का प्राचीन मंदिर ललितपुर, सोमनाथ मंदिर मानिकपुर चित्रकूट, खाकरा मठ चरखारी महोबा, रणछोर मंदिर धोजरी ललितपुर, प्राचीन बैठक तालबेहट ललितपुर, चन्देली मंदिर करियारी हमीरपुर, शांतिनाथ मंदिर भरवारा महोबा, शिव मंदिर उल्दना कला ललितपुर, दशरथ घाटी चित्रकूट और खंडेह के मंदिर मौदहा हमीरपुर के लिए प्रस्ताव मंगाए गए हैं। 

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