पंढरपुर में भगवान विट्ठल रुक्मिणी के मूर्ति को लगाया बुलेटप्रूफ कांच, ये है वजह

Vitthal Rukmini Mandir Pandharpur
विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर पंढरपुर (डिजाइन फोटो)
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पंढरपुर: महाराष्ट्र (Maharashtra) के आराध्य दैवत भगवान विट्ठल और माता रुक्मिणी (Vitthal Rukmini Mandir Pandharpur) की मूर्ति को बुलेटप्रूफ कांच लगाया जा रहा है। दरअसल पंढरपुर (Pandharpur News) के क्षेत्र विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में मंदिर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्य पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में किया गया है। इसमें विठ्ठल रुक्मिणी का मूल मंदिर भी शामिल है। इस बीच, काम जारी रहने के दौरान विट्ठल रुक्मिणी की मूर्तियों की सुरक्षा के लिए विट्ठल और रुक्मिणी माता की मूर्तियों को बुलेटप्रूफ ग्लास से ढक दिया गया है।

मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य 

जानकारी के लिए आपको बता दें कि विष्णु का रूप कहे जाने वाले भगवान विट्ठल गर्भगृह का नवीनीकरण कार्य शुरू हो गया है। गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर लगे चांदी के आवरण को हाल ही में हटा दिया गया था। इस मंदिर के गर्भगृह, चौखंडी, सोलखंबी के प्रवेश द्वार पर लगे प्राचीन पत्थर के खंभों और चांदी को हटाने की प्रक्रिया हाल ही में की गई है।

इसलिए लगाया बुलेटप्रूफ ग्लास

इस बीच कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र शेल्के ने कहा कि गर्भगृह से ग्रेनाइट हटाने का काम आज (18 मार्च) से शुरू किया जा रहा है। इससे पहले, देवी-देवताओं की मूर्ति की सुरक्षा के लिए विट्ठल रुक्मिणी माता की मूर्ति को बुलेटप्रूफ ग्लास से ढक दिया गया है, ताकि किसी  भी तरह की क्षति भगवान की मूर्तियों को न हों। 

vitthal rukmini temple
विट्ठल मंदिर पंढरपुर (फाइल फोटो)

श्रद्धालुओं ने की चंद्रभागा की सफाई 

बता दें कि हर साल अप्रैल माह में  पंढरपुर यात्रा शुरू हो जाती है। यहां देश और यहां विदेश से कई श्रद्धालु आते है। वारकरी सेवा संघ और विट्ठल रुक्मिणी मंदिर समिति की ओर से चंद्रभागा नदी तल की सफाई की गई। इस भव्य सफाई अभियान में 200 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने करीब पांच टन कूड़ा साफ किया और इकट्ठा किया। 

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