

WF50 स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स 2026 में भारत का तीन अंतरराष्ट्रीय खेल पुरस्कार मिले।
फुटबॉल कोच शब्बीर अली को दो अलग-अलग कैटेगरी में पुरस्कार मिले।
स्नूकर स्टार यासीन मर्चेंट को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला।
WF50 Sports Awards Shabbir Ali Habib Virji Yasin Merchant : अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का मान एक बार फिर बढ़ा है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में 17 और 18 अक्टूबर को आयोजित WF50 स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स 2026 में भारत ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए तीन प्रमुख पुरस्कार अपने नाम किए। यह कार्यक्रम 'विश्व फेडरेशन ऑफ खोजा शिया इथना-अशरी मुस्लिम कम्युनिटीज' (KSIMC) के स्वर्ण जयंती समारोह के विशेष अवसर पर आयोजित किया गया था। इस वैश्विक आयोजन में दुनिया भर के प्रतिभावान खिलाड़ियों, कोचों और खेल हस्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान भारत के दो प्रमुख खेल दिग्गजों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। भारतीय फुटबॉल कोच शब्बीर अली हबीब विरजी को फुटबॉल के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान, समर्पित कोचिंग और प्रेरणादायक खेल सफर के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी में पुरस्कार दिए गए। उनके मार्गदर्शन में कई युवा प्रतिभाओं ने खेल के मैदान पर नई ऊंचाइयों को छुआ है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सराहा गया।
वहीं दूसरी ओर, भारत के प्रसिद्ध स्नूकर खिलाड़ी यासीन मर्चेंट को 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। स्नूकर की दुनिया में कई दशकों तक भारत का नाम रोशन करने वाले यासीन मर्चेंट को खेल में उनके लंबे, निरंतर और अद्वितीय योगदान के लिए यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया। उनके खेल सफर और उपलब्धियों ने देश में कई पीढ़ियों को स्नूकर और बिलियर्ड्स जैसे खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
ब्रिटेन की राजधानी लंदन मे आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि निर्णायक मंडल (जूरी) में भी भारत का परचम लहराया। भारत की ओर से खेल और मीडिया क्षेत्र से जुड़ी जानी-मानी हस्ती शुजा अली ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की पांच सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय जूरी में शामिल थे।
शुजा अली ने जूरी बोर्ड में न केवल भारत, बल्कि पूरे एशियाई महाद्वीप का प्रतिनिधित्व किया। जूरी के सदस्य के रूप में उन्होंने दुनिया भर के विभिन्न देशों से आए सैकड़ों नामांकनों का निष्पक्ष और गहन मूल्यांकन किया। उनकी उपस्थिति ने वैश्विक स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में भारतीय खेल विशेषज्ञों की बढ़ती साख को रेखांकित किया।