भारतीय हॉकी टीम के साथ बैठक करेंगे खेल मंत्री मनसुख मांडविया, भविष्य की बनाएंगे योजना

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि वह 10 सितंबर से पहले कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के साथ बैठक करेंगे, ताकि 2028 लॉस एंजिल्स खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के प्रयासों के मद्देनजर भविष्य की योजना बना सकें।
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया भारतीय हॉकी टीम से मिलेंगे और भविष्य की योजना बनाएंगे
मनसुख मंडाविया और भारतीय हॉकी टीम (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय हॉकी टीम ने अपना शानदार खेल दिखाया। भारत सेमीफाइनल तक पहुंच पाने में सफल रहा, लेकिन फिर सेमीफाइनल में भारत को जर्मनी के हाथों हार को सामना करना पड़ा और कांस्य के लिए मुकाबले में टीम इंडिया ने स्पेन को मात देकर मेडल जीता। जिसके बाद अब भारत के खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी दी है कि वह जल्द ही भारती हॉकी टीम के साथ बैठक करेंगे।

दरअसल, खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को बताया कि वह 10 सितंबर से पहले कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के साथ बैठक करेंगे ताकि 2028 लॉस एंजिल्स खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के प्रयासों के मद्देनजर भविष्य की योजना बना सकें। उन्होंने मंगलवार सुबह पेरिस से लौटने के बाद स्टार गोलकीपर पीआर श्रीजेश, डिफेंडर संजय, अमित रोहिदास और स्ट्राइकर अभिषेक को सम्मानित किया।

मांडविया ने कहा, ‘‘आप लोगों का प्रदर्शन शानदार रहा, हम स्वर्ण पदक नहीं जीत पाए, लेकिन हम इसके बहुत करीब पहुंच गए थे और सेमीफाइनल में हार के बाद जिस तरह से आपने प्रदर्शन किया, वह सराहनीय है।''

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह सफर का अंत नहीं है और मैं 10 सितंबर तक आपके साथ बैठकर भविष्य की रणनीति पर विचार करूंगा ताकि हम लॉस एंजिल्स से स्वर्ण पदक लेकर लौटें। मैं इस बारे में आपकी राय लूंगा कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए और सरकार की ओर से आपको हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास करूंगा।''

खेल मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय दल भले ही पिछले तोक्यो ओलंपिक के पदकों की बराबरी नहीं कर सका लेकिन वह उनके प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। टोक्यो में भारत ने एक स्वर्ण सहित सात पदक जीते थे लेकिन पेरिस में देश केवल छह पदक ही जीत सका जिसमें पांच कांस्य पदक और एक रजत पदक शामिल है। हालांकि भारतीय खिलाड़ी सात स्पर्धाओं में पदक से चूककर चौथे स्थान पर रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘टोक्यो में हमने सात पदक जीते लेकिन पेरिस में हम छह ही पदक जीत पाये। सच्चाई यही है कि हम चौथे स्थान पर रहकर सात और पदक से चूक गए जो सराहनीय प्रदर्शन है।''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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