'शायद ये मेरा आखिरी मैच था', फ्रेंच ओपन 2025 में हार के बाद नोवाक जोकोविच ने लिया संन्यास?

फ्रेंच ओपन 2025 में मिली हार के बाद दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने अपने संन्यास को लेकर बड़ा संकेत दिया है। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह मुकाबला उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है।
'शायद ये मेरा आखिरी मैच था', फ्रेंच ओपन 2025 में हार के बाद नोवाक जोकोविच ने लिया संन्यास?
नोवाक जोकोविच (फोटो-सोशल मीडिया)
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पेरिस: फ्रेंच ओपन 2025 में दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच का सफर समाप्त हो गया। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर ने नोवाक जोकोविच को हराकर इस टूर्नामेंट के फाइनल में में प्रवेश कर लिया। यानिक सिनर ने जोकोविच को लगातार तीन सेट 6-4, 7-5, 7-6 हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल का मुकाबला गत चैंपियन अल्काराज से होगा।

सिनर ने इस मुकाबले को जीतकर पहली बार फ्रेंच ओपन के फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि इस दौरान खास बात यह रही कि उन्होंने एक भी सेट नहीं गंवाया। फाइनल का मुकाबला अल्काराज से होना है। जिन्होंने सिनर को पिछले चार मुकाबले में लगातार हराया है। अल्काराज सिनर से 7-4 से आगे हैं। सिनर इस फाइनल को जीतकर अपना चौथा ग्रैंड स्लैम जीतने की कोशिश करेंगे। वहीं अल्काराज की नजरें अपने पांचवें ग्रैंड स्लैम पर है।

सिनर फ्रेंच ओपन में पहुंचने वाले इटली के दूसरे खिलाड़ी बने

सिनर ने शुक्रवार को कहा कि हम अपने लिए सर्वश्रेष्ठ मौके बनाते हैं और अब मुझे यह मंच मिला है। अभी मेरे लिए इससे बड़ा कोई और मौका नहीं हो सकता। मैंने मानसिक रूप से वहां बने रहने की कोशिश की और प्रत्येक अंक हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी। सिनर 1968 में शुरू हुए ओपन युग में फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले इटली के दूसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले 1976 के चैंपियन एड्रियानो पनाटा फाइनल में पहुंचे थे। जोकोविच पुरुषों के रिकॉर्ड 24 बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन हैं, लेकिन वे कोर्ट फिलिप चैटियर पर सिनर के सटीक और तेज़ फोरहैंड का मुकाबला नहीं कर सके। इस हार के बाद नोवाक जोकोविच ने कहा कि यह मुकाबला शायद उनका आखिरी मुकाबला हो सकता है।

मेरे करियर का शायद ये आखिरी मैच हो

मैच खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नोवाक जोकोविच कुछ भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि आज का मुकाबला मेरे करियर का आखिरी मैच रहा हो, जो मैंने यहां खेला है। इसी कारण अंत के क्षणों में मेरी भावनाएं थोड़ी ज्यादा उमड़ पड़ी है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर यह मेरा आखिरी रोलां गैरो मैच था, तो मैं यह जरूर कहूंगा कि इसे खेलने का अनुभव बेहतरीन रहा। यहां की ऊर्जा, दर्शकों का स्नेह और माहौल इसे खास बना दिया। मैं यहां फिर से कोर्ट पर उतरना चाहूंगा, लेकिन अभी मैं यह नहीं कह सकता कि 12 महीने बाद दोबारा खेलने की स्थिति में रहूंगा या नहीं। (भाषा इनपुट के साथ)

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