

स्पोर्ट्स डेस्क, नवभारत: देश के प्रतिष्ठित बिजनेसमैन रतन टाटा के निधन से पूरा देश सदमे हैं। 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीज कैंडी अस्पताल में 9 अक्टूबर की देर रात निधन हो गया। रतन टाटा की निधन की खबरें सुनने के बाद भारतीय खेल जगत के कई जाने माने खिलाडियों ने एवं बीसीसीआई ने भी श्रद्धांजलि दी है। भारत के पूर्व विश्व विजेता कप्तान कपिल देव, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव समेत कई प्लेयर्स ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने रतन टाटा को उनकी विनम्रता और जानवरों के प्रति प्रेम के लिए याद करते हुए कहा कि वह स्वतंत्रता के बाद की देश की शीर्ष 10 हस्तियों में शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा स्वतंत्रता के बाद से अगर हमें 10 महान हस्तियों को चुनना है तो वह इसमें नीचे नहीं बल्कि सबसे ऊपर होंगे। उन्होंने देश के लिए जो किया, उनके उद्योग ने जो किया उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
रतन टाटा के निधन पर बीसीसीआई ने शोक व्यक्त किया। बीसीसीआई श्री रतन टाटा जी के निधन पर पूरे देश के साथ गहरा दुख व्यक्त करता है। विभिन्न क्षेत्रों में उनका अमूल्य योगदान भारत की वृद्धि और सफलता की कहानी को आकार देने में महात्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जुनून, सहानुभूति, दूरदर्शी नेतृत्व, नवाचार और उत्कृष्टता के सिद्धांतों पर आधारित उनकी असाधारण विरासत आने वाले वर्षों में भावी पीढ़ियों को प्रेरित और मार्गदर्शन करती रहेगी।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, गोल्डन दिल वाले व्यक्ति, आपको हमेशा एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा, जिसने दूसरों की परवाह की हो और दूसरों के बेहतरी के लिए जीवन जिया हो।
भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक युग का अंत बताया। दयालुता के प्रतीक, सबसे प्रेरणादायक। सर, आपने बहुत सारे दिलों को छू लिया है। आपका जीवन राष्ट्र के लिए वरदान रहा है। आपकी अंतहीन और बिना शर्त सेवा के लिए धन्यवाद। आपकी विरासत जीवित रहेगी।
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने रतन टाटा को याद करते हुए कहा सर, आपने अपना पूरा जीवन हमारे देश की प्रगति के लिए समर्पित कर दिया। आपकी विनम्रता, दूरदर्शिता और करुणा हमें सदैव प्रेरित करती रहेगी।
रतन टाटा देश को खेल से खासा लगाव था। उन्होंने कई खिलाड़ियों को टाटा समूह में नौकरी भी दी थी। इसके साथ ही वो हमेशा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते रहते थे।