

मनीषा भानवाला वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं।
फाइनल में 0-6 से पिछड़ने के बाद अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेटे को 8-6 से हराया।
भारत ने महिला वर्ग में दो सिल्वर, एक ब्रॉन्ज और एक गोल्ड समेत चार पदक जीते।
Manisha Bhanwala won Gold Medal: भारतीय कुश्ती के इतिहास में 30 अक्टूबर 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। 29 वर्षीय भारतीय महिला पहलवान मनीषा भानवाला ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के 59 किग्रा भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
वह सीनियर वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई हैं। इससे पहले साल 2010 में सुशील कुमार ने देश के लिए विश्व चैंपियनशिप का गोल्ड जीता था। इस तरह मनीषा ने 16 साल बाद भारत को इस प्रतियोगिता में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है।
मनीषा भानवाला के लिए फाइनल मुकाबला बिल्कुल आसान नहीं था। अमेरिकी पहलवान और पैन अमेरिकन चैंपियन एबिगेल एलिजाबेथ नेटे के खिलाफ मुकाबले में वह एक समय 0-6 से पिछड़ रही थीं। हालांकि, मनीषा ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए लगातार अंक हासिल किए। उन्होंने मुकाबले में 8-6 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
इससे पहले सेमीफाइनल में भी मनीषा ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने कजाकिस्तान की अल्तिन शगायेवा को 10-0 से हराकर पिनफॉल के जरिए फाइनल में जगह बनाई थी।
मनीषा के गोल्ड मेडल से पहले भारत को इस चैंपियनशिप में दो रजत और एक कांस्य पदक मिल चुका था। नीलम सिरोही ने महिलाओं के 50 किग्रा और काजल ढोचक ने 76 किग्रा भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, तनु शर्मा ने 72 किग्रा भारवर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में अमेरिका की प्रेसिअस रोजाना बेल को 9-5 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
मनीषा के गोल्ड के साथ भारत ने इस चैंपियनशिप में महिलाओं के वर्ग में चार पदक हासिल किए। यह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
साल 2021 में अंशु मलिक विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं। हालांकि, उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद 2026 में नीलम सिरोही और काजल ढोचक ने भी फाइनल में जगह बनाई, लेकिन दोनों को हार का सामना करना पड़ा।
मनीषा ने 59 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में जीत दर्ज कर भारतीय महिला कुश्ती का लंबे समय से चला आ रहा गोल्ड का इंतजार खत्म कर दिया। वह सीनियर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।
मनीषा भानवाला ने साल 2013 में कुश्ती की शुरुआत की थी। उनके पिता सुरेश ने उन्हें फिटनेस सुधारने के लिए कुश्ती में भेजा था। शुरुआत में यह उनके लिए फिटनेस से जुड़ी गतिविधि थी, लेकिन धीरे-धीरे मनीषा को अपनी प्रतिभा का एहसास हुआ और उन्होंने इसे अपना करियर बना लिया।
साल 2022 में उनके जीवन में एक बड़ा दुखद मोड़ आया। मनीषा एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए मंगोलिया रवाना होने वाली थीं। इसी दौरान उनके पिता सुरेश का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पिता ही उन्हें कुश्ती के लिए प्रेरित करते थे। इस मुश्किल दौर के बावजूद मनीषा ने हिम्मत नहीं हारी और अपने खेल पर ध्यान बनाए रखा।