बेटे का भविष्य बनाने पिता ने बेचीं थी अपनी दुकान, संघर्ष से भरा रहा पृथ्वी शॉ का सफर

happy birthday Prithvi Shaw Father had sold his shop to make son's future, Prithvi Shaw's journey has been full of struggle
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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा खिलाड़ी पृथ्वी शॉ (Happy Birthday Prithvi Shaw) आज अपना 23वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपने छोटे से करियर में कई बड़े रिकार्ड्स अपने नाम किए है। पृथ्वी शॉ ने अपनी कप्तानी में साल 2017-18 में  अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जिताया है। पृथ्वी को वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में मौका दिया गया। उन्होंने पहले ही मैच की पहली पारी में 99 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह भारतीय टीम के 15वें ऐसे बल्लेबाज बने, जिन्होंने डेब्यू  टेस्ट मैच में शतक बनाया। पृथ्वी  ने 134 रनों की पारी खेली और मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार भी प्राप्त किया। 

आज अपना 23वां जन्मदिन मना रहे पृथ्वी शॉ (Happy Birthday Prithvi Shaw) का जन्म 1999 को महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे (Thane) में हुआ था। पृथ्वी मूल रूप से बिहार के गया के रहने वाले हैं। लेकिन, उनके जन्म के पहले ही उनके पिता महाराष्ट्र आ गए थे। पृथ्वी शॉ का भारतीय टीम में शामिल होने का सफर काफी दर्दभरा रहा है। उन कई बार बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। 

पृथ्वी (Happy Birthday Prithvi Shaw) का बचपन विरार में बीता। उन्होंने 3 साल की उम्र में घर में ही प्लास्टिक बॉल से खेलना शुरू किया। उसी समय उनके पिता ने पृथ्वी के टैलेंट को पहचाना और उन्हें क्रिकेट एकेडमी में डाल दिया था। लेकिन, एकेडमी बांद्रा में थी। इसलिए पृथ्वी की पिता उन्हें रोजविरार से बांद्रा ट्रेनिंग के जाते थे। इसके लिए पृथ्वी को पिता पंकज सुबह 4 बजे उठा देते थे। यह सिलसिला सालों-साल चलता रहा।

पृथ्वी के पिता की कपड़ों की दुकान थी। लेकिन, उन्होंने पाने बेटे के करियर के लिए अपना दुकान तक बेच दी। पृथ्वी को भी अपने पिता के त्याग का एहसास था। वह बचपन से ही अपने करियर को लेकर फोकस था। इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। पैसों की तंगी झेली। लेकिन हर संघर्ष के साथ उनके क्रिकेटर बनने का सपना औऱ मजबूत होता गया।

पृथ्वी शॉ (Happy Birthday Prithvi Shaw) ने महज़ चार साल की उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था। इसके बाद उनके पिता पंकज शॉ ने ही अकेले उनका पालन-पोषण किया। उन्हें अपने बेटे को परेशानियों का समाना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने बेटे की परवरिश बहुत अच्छे से की, साथ ही पृथ्वी का सपना भी पूरा किया। हालांकि इस दौरान पृथ्वी ने भी कड़ी मेहनत की और पिता के संघर्ष को बेकार नहीं जाने दिया।

पृथ्वी शॉ (Happy Birthday Prithvi Shaw) ने पहली बार तब सुर्खियां बटोरी जब उन्होंने साल 2013 में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में रिजवी स्प्रिंगफील्ड की ओर से खेलते हुए सेंट फ्रांकिस के खिलाफ 330 गेंदों में 546 रन बनाए थे। पृथ्वी ने इस पारी के दौरान 85 चौके और 5 छक्के लगाए थे। उनकी यह पारी काफी यादगार रही है। आज भी लोग उनकी इस पारी की बहुत तारीफ करते हैं।

घरेलू क्रिकेट में पृथ्वी (Happy Birthday Prithvi Shaw) काफी शानदार प्रदर्शन किया है। इसी प्रदर्शन को देखकर उन्हें पृथ्वी शॉ को अंडर-19 टीम में जगह मिली और उन्होंने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under-19 World Cup) का चैंपियन बनाया। भारत ने साल 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर 8 विकेट से खिताब जीता था।

अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद पृथ्वी शॉ ने आईपीएल (IPL) में भी एंट्री मारी। उन्हें साल 2018 की नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने 1।2 करोड़ रुपये में खरीदा था। आईपीएल में भी पृथ्वी ने कई कमाल किए हैं। उनका आईपीएल में भी काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है। पृथ्वी ने अपने पहले ही आईपीएल में संजू सैमसन के सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी की।

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