FIFA World Cup 2026: स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर 16 साल बाद फाइनल में मारी एंट्री, टूटा एम्बाप्पे का सपना

FIFA: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से रौंदकर फाइनल में जगह बना ली है। लामिन यमाल के जादू और कोच डेसचैम्प्स की रेफरी से शिकायत के बीच रोमांचक रहा मैच। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
FIFA World Cup 2026: Spain defeats France 2-0 to reach the final after 16 years; Mbappé's dream shattered.
स्पेन बनाम फ्रांस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Spain Beat France To Reach World Cup Final: फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' का पहला फाइनलिस्ट मिल गया है। टेक्सास के डलास में खेले गए एक बेहद रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ ही स्पेन की टीम ने वर्ल्ड कप इतिहास में दूसरी बार फाइनल का टिकट कटाया है।

इससे पहले स्पेन ने 2010 में फाइनल खेला था और खिताब भी जीता था। दूसरी तरफ, फ्रांस का लगातार तीसरी बार फाइनल खेलने का सपना चकनाचूर हो गया। मैच की शुरुआत से ही स्पेनिश टीम हावी नजर आई और उन्होंने फ्रांस के मजबूत डिफेंस को भेदने में ज्यादा देर नहीं लगाई।

ओयारजाबल और पोरो के गोल से फ्रांस पस्त

मैच का पहला गोल 22वें मिनट में आया, जब स्पेन को पेनल्टी मिली। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने बॉक्स के अंदर लामिन यमाल पर फाउल किया था। इस सुनहरे मौके को स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबल ने बेकार नहीं जाने दिया और शानदार गोल दागकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में भी स्पेन का दबदबा जारी रहा। 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाया और स्पेन की बढ़त को दोगुना (2-0) कर दिया। हालांकि, 19 साल के लामिन यमाल ने भी एक शानदार गोल किया था, लेकिन 'क्लोज ऑफसाइड कॉल' की वजह से उसे मान्य नहीं किया गया।

कोच डेसचैम्प्स की नाराजगी

फ्रांस की इस हार के बाद टीम के कोच डिडियर डेसचैम्प्स काफी निराश नजर आए। उन्होंने न केवल अपनी टीम के तकनीकी स्तर पर पिछड़ने की बात स्वीकार की, बल्कि मैच रेफरी इवान बार्टन पर भी निशाना साधा। डेसचैम्प्स ने रेफरी की काबिलियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वह वर्ल्ड कप सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच के लायक थे?

फ्रांस के कोच ने अल साल्वाडोर के इस रेफरी के खिलाफ फीफा से औपचारिक शिकायत भी दर्ज करा दी है। उनका मानना था कि मैच के दौरान कई स्थितियां ऐसी थीं जहां फैसले उनके पक्ष में होने चाहिए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि उनके खिलाड़ी हार से बेहद दुखी हैं क्योंकि उनसे उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं।

स्पेन की ऐतिहासिक वापसी

स्पेन के लिए यह जीत कई मायनों में खास है। 2010 में चैंपियन बनने के बाद स्पेन का सफर पिछले तीन वर्ल्ड कप में काफी साधारण रहा था। लेकिन इस बार केप वेर्डे के खिलाफ मैच ड्रॉ होने के बाद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार जीत दर्ज की।

अब रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में होने वाले फाइनल में स्पेन का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना या इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। फैंस को उम्मीद है कि स्पेन का 'टिकी-टाका' फुटबॉल एक बार फिर उन्हें विश्व विजेता बनाएगा।

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