CWG 2026: चोट के बावजूद नहीं टूटा हौसला, हाई जंप छोड़ अब डेकाथलॉन में मेडल पर नजर; भावुक हुए तेजस्विन शंकर

Tejaswin Shankar Injury: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में चोट के कारण हाई जंप से हटने के बाद स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर भावुक हो गए। हालांकि, अब उनका पूरा ध्यान डेकाथलॉन में पदक जीतने पर है।
CWG 2026: Undeterred by injury, Tejaswin Shankar sets sights on a decathlon medal after switching from high jump; gets emotional.
तेजस्विन शंकर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Tejaswin Shankar Withdraws From High Jump CWG: बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता और भारत के स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर ने चोट के कारण कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा से नाम वापस ले लिया है। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी है और अब पूरा ध्यान डेकाथलॉन प्रतियोगिता पर लगा दिया है, जिसकी शुरुआत गुरुवार से होगी।

हाई जंप मुकाबले में तेजस्विन केवल एक प्रयास ही कर सके। 2.05 मीटर की अपनी पहली कोशिश में असफल रहने के बाद उन्होंने प्रतियोगिता छोड़ने का फैसला किया। मुकाबले के बाद बातचीत में तेजस्विन भावुक हो गए और बताया कि वार्म-अप के दौरान ही उनके घुटने में तेज दर्द शुरू हो गया था।

तेजस्विन शंकर ने क्या कहा?

तेजस्विन शंकर ने कहा, 'दूसरे वार्म-अप जंप के दौरान मेरे घुटने में अचानक तेज दर्द महसूस हुआ। यह नई चोट नहीं है, मुझे पहले से टेंडोनाइटिस की समस्या है, लेकिन कभी-कभी सबसे जरूरी दिन पर ही ऐसी परेशानी सामने आ जाती है।'

तेजस्विन ने बताया कि वार्म-अप के बाद उन्होंने खुद को मानसिक रूप से तैयार करने की पूरी कोशिश की, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि वे इस बार भी कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीत सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, 'मैं इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करता हूं। ठंड और बारिश वाला मौसम मुझे सूट करता है। जब बाकी खिलाड़ी इन हालात से परेशान होते हैं, तब मुझे यही परिस्थितियां पसंद आती हैं। मैं काफी सकारात्मक था और मुकाबले को लेकर उत्साहित भी था, लेकिन ऐसा हो गया।'

डेकाथलॉन में लगाएंगे पूरी ताकत

तेजस्विन शंकर ने बताया कि उन्होंने हाई जंप जारी रखने के बजाय खुद को बचाने का फैसला इसलिए किया ताकि डेकाथलॉन में पूरी ताकत के साथ उतर सकें।उन्होंने कहा, 'मेरे पास डेकाथलॉन शुरू होने से पहले दो दिन हैं। इसलिए मैंने पहला जंप करने के बाद रुकने का फैसला किया। मैं अगला इवेंट खराब नहीं करना चाहता था। अब इन दो दिनों में रिकवरी करूंगा, चोट से उबरने की कोशिश करूंगा और फिर डेकाथलॉन में बड़ा स्कोर बनाने की पूरी कोशिश करूंगा।'

सर्वेश का बढ़ाया हौसला

तेजस्विन ने अपनी चोट के बावजूद पूरे मुकाबले के दौरान स्टेडियम में रहकर सर्वेश कुशारे का हौसला बढ़ाया। उन्होंने सर्वेश की जमकर तारीफ करते हुए कहा, 'सर्वेश ने इन मुश्किल परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया। भारत को ट्रैक एंड फील्ड का पहला मेडल दिलाना बड़ी उपलब्धि है। हम सभी को उन्हें बधाई देनी चाहिए।'

तेजस्विन शंकर भारत के राष्ट्रीय डेकाथलॉन रिकॉर्डधारी हैं। उनके नाम एशियाई खेलों का रजत पदक और एशियन चैंपियनशिप के दो पदक भी हैं। वह 8000 अंक का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय डेकाथलीट भी हैं। अब उनकी नजर पूरी तरह डेकाथलॉन में शानदार वापसी कर भारत के लिए पदक जीतने पर है।

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