'भारत के खिलाड़ियों में से एक...', सरफराज अहमद ने वैभव सूर्यवंशी पर साधा निशाना

Sarfaraz Ahmed: पाकिस्तान के मेंटर सरफराज अहमद ने अंडर-19 एशिया कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी के कथित अनुचित हावभाव पर प्रतिक्रिया दी और खिलाड़ियों को शांत, सभ्य रहने की सलाह दी।
Sarfaraz Ahmed's Indirect Dig At Vaibhav Sooryavanshi
सरफराज अहमद और वैभव सूर्यवंशी (फोटो-सोशल मीडिया)
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Sarfaraz Ahmed's Indirect Dig At Vaibhav Sooryavanshi: दुबई में खेली गई अंडर-19 एशिया कप फाइनल के दौरान भारत के 14 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के कथित ‘अनुचित’ हावभाव को लेकर पाकिस्तान टीम के मेंटर सरफराज अहमद ने निशाना साधा है। सरफराज ने वीडियो में अपने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय टीम का खेल के प्रति व्यवहार अच्छा नहीं था और एक युवा खिलाड़ी ने ऐसा हावभाव दिखाया जो उचित नहीं था।

उन्होंने अपने खिलाड़ियों से कहा कि अगर विरोधी टीम असभ्य हो तो भी उन्हें शांत और सभ्य रहना चाहिए। सरफराज ने कहा, “मैदान पर कुछ कहा जाए तो जवाब देना ठीक है, लेकिन अनुचित तरीके से जवाब नहीं देना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि खिलाड़ी अपने उत्साह का प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन खेल भावना और सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है।

सरफराज ने टीम की तारीफ की

सरफराज अहमद ने टीम की काबिलियत और मेहनत की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि जब वे मुल्तान में कैंप में शामिल हुए, तो साफ था कि कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों के साथ पहले ही काफी मेहनत की थी। उन्होंने अपने खिलाड़ियों को हौसला देते हुए कहा कि वे अपने नेचुरल गेम पर ध्यान दें और उस खेल को खेलें जिसे वे अपनी पूरी ज़िंदगी याद रखेंगे।

2025 में हाल के घटनाओं के बाद बढ़ा माहौल हुआ खराब

भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा शांत और पेशेवर रहे हैं, लेकिन 2025 एशिया कप में हाल की घटनाओं, जैसे पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर, के बाद इस मुकाबले का माहौल तीखा और जोशीला बन गया। फाइनल में दोनों टीमों के खिलाड़ी अक्सर जोशीले सेंड-ऑफ करते नजर आए। वैभव सूर्यवंशी को भी एक सेंड-ऑफ का सामना करना पड़ा, जिसके जवाब में उन्होंने अपने जूते की ओर इशारा किया और कुछ शब्द कहे।

सरफराज ने कहा कि उनकी टीम में बहुत प्रतिभा है और खिलाड़ियों को भरोसा है कि अगले 15-20 साल तक वे पाकिस्तान के लिए खेलेंगे। उनका संदेश था कि खिलाड़ी अपने नेचुरल गेम पर ध्यान दें और किसी भी परिस्थिति में घबराएं नहीं। इस फाइनल ने दिखाया कि किशोर क्रिकेट में भी उत्साह और प्रतिस्पर्धा होती है, लेकिन खेल भावना और सम्मान सबसे जरूरी हैं।

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