

भारतीय क्रिकेट और उसके फैंस के लिए 29 जून का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। आज से ठीक एक साल पहले 29 जून 2024 को टीम इंडिया ने दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी में कब्जा जमाया था। टीम इंडिया रोहित शर्मा की अगुवाई में खिताबी मुकाबले के दौरान साउथ अफ्रीका को शिकस्त थी। ये जीत भारत के लिए एतिहासिक थी।
साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप 2025 में हराकर टीम इंडिया के आईसीसी ट्रॉफी का सूखा कई सालों के बाद खत्म किया था। टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत को आज एक साल पूरा हो गया है। टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में कई खिलाड़ियों ने अभूतपूर्व योगदान दिया था।
सबसे पहले टीम इंडिया ने धोनी की कप्तानी के दौरान साल 2007 में पहली बार टी20 की ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद साल 2011 में धोनी की ही कप्तानी में दूसरी बार वनडे विश्वकप कप के खिताब पर कब्जा जमाया। फिर इसके दो साल के बाद टीम इंडिया को महेंद्र सिंह धोनी ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में एक और ट्रॉफी दिलाई थी। इसके बाद 11 साल तक टीम इंडिया के पास कोई भी ट्रॉफी नहीं थी। लेकिन रोहित शर्मा ने 2024 के टी20 विश्वकप में भारत की झोली में एक और आईसीसी ट्रॉफी डाली।
साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने एक भी मैच नहीं हारा था। पहले टीम ने ग्रुप ए में चार मैचों में से तीन मुकाबलों में जीत दर्ज की। ग्रुप ए का एक मुकाबला बारिश के चलते रद्द हो गया। जिसके बाद टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को हराया। फिर इसी टीम को फाइनल में हारकर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मैच में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 7 रन के अंतर से रोमांचक शिकस्त दी।
टी20 2024 के फाइनल मैच में टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन बनाए थे। इसके जवाब में साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 169 रन बना पाई। एक वक्त ये मुकाबला पूर्ण रूप से साउथ अफ्रीका को झोली में था। अंतिम 5 ओवर में जीत के लिए अफ्रीका को 30 रन की जरूरत थी। टी20 में इतने रन बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। लेकिन टीम इंडिया के लिए सूर्यकुमार यादव के कैच और टीम इंडिया गेंदबाजों ने मुकाबले की तस्वीर बदल कर रख दी।
अंतिम ओवर में साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 16 रन की जरूरत थी। इस ओवर की पहली ही गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने डेविड मिलर का ऐतिहासिक कैच पकड़ लिया। उनके इस कैच ने टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई। जिसके बाद अंतिम पांच गेंदों में हार्दिक पांड्या ने सिर्फ 8 रन दिए। इस हिसाब से टीम इंडिया ने खिताबी मुकाबले को 7 रन से अपने नाम कर लिया।