मैं पावर हिटर नहीं हूं...T20I में शतक लगाने के बाद स्मृति मंधाना ने कबूला सच

स्मृति मंधाना ने टी20आई में पहला शतक लगाने के बाद कहा कि मैं पावर हिटर नहीं हूं और मुझे अपने टाइमिंग पर भरोसा रखखर शॉट लगाना पसंद है। लेकिन मैं धीरे-धीरे अपने पावर हिटिंग पर भी काम कर रही हूं।
मैं पावर हिटर नहीं हूं...T20I में शतक लगाने के बाद स्मृति मंधाना ने कबूला सच
स्मृति मंधाना (फोटो-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम: भारतीय महिला टीम और इंग्लैंड महिला टीम के बीच में पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है। इस टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को 97 रनों से करारी शिकस्त दी है। इसके साथ भारतीय टीम सीीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने टी20आई में अपना पहला शतक बनाया। इसके साथ ही वो भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाली पहली महिला खिलड़ी बन गई है।

मंधाना ने अपने 149वें मैच में अपना पहला टी20 शतक लगाया। उन्होंने 62 गेंदों पर 15 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 112 रन बनाए, जिससे भारतीय टीम 210 रन बनाने में सफल रही। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 14.5 ओवर में 113 रन पर ढेर हो गई। पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी टीम को 97 रन से जीत दिलाने के बाद कहा कि इस प्रारूप में शतक लगाना उनके लिए विशेष मायने रखता है क्योंकि वह पावर हिटर नहीं हैं।

मैं पावर हिटर नहीं हूं

मंधाना ने शनिवार को मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह अच्छा अहसास है, क्योंकि यह प्रारूप ऐसा है जिसमें एक बल्लेबाज के तौर पर मुझे लगातार प्रयास और सुधार करते रहना होगा। यह मेरे लिए बहुत नैसर्गिक प्रारूप नहीं है। मैं पावर हिटर नहीं हूं और मुझे अपनी टाइमिंग पर भरोसा रखकर शॉट मारना पसंद है लेकिन मैं अपनी पावर हिटिंग पर भी काम करने की कोशिश कर रही हूं।

मैंने सोचा नहीं था कि टी20 में शतक लगाने में सफल रहूंगी

इस सलामी बल्लेबाज ने कहा कि इस प्रारूप में शतक बनाना वास्तव में खास है। मैंने टेस्ट क्रिकेट और एक दिवसीय क्रिकेट में भी शतक लगाए हैं, लेकिन यह दोनों प्रारूप मेरी बल्लेबाजी शैली के अधिक अनुकूल हैं। मंधाना ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि वह यहां पहले मैच में शतक लगाने में सफल रहेगी।

उन्होंने कहा कि मैंने नहीं सोचा था कि में पहले मैच में ही शतक लगाने में सफल रहूंगी। मैं इससे पहले कुछ अवसरों पर यहां तक पहुंचने से चूक गई थी और मैं बहुत खुश हूं कि आज मैं इसे हासिल करने में सफल रही। पिछले 10 वर्षों में 70 और 80 रन पर आउट होना निराशाजनक था।

महिला अंतरराष्ट्रीय मैचों में तीनों प्रारूपों में शतक

  • हीथर नाइट
  • टैमी ब्यूमोंट
  • लौरा वोल्वार्ड्ट
  • बेथ मूनी
  • स्मृति मंधाना
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com