

Sachin Tendulkar on Vaibhav Sooryavanshi: आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने पूरे सीजन में जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने न सिर्फ प्रशंसकों बल्कि क्रिकेट जगत के दिग्गजों को भी प्रभावित किया। अब भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी वैभव की जमकर तारीफ की है और उनके भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है।
ईएसपीएन क्रिकइंफो अवॉर्ड्स के दौरान सचिन तेंदुलकर ने वैभव को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "मैं उसे यही कहूंगा कि वह जैसा है वैसा ही बना रहे। हर खिलाड़ी अपने करियर में पहली बार कई चुनौतियों का सामना करता है। समय और अनुभव के साथ वह अलग-अलग परिस्थितियों को संभालना सीख जाएगा।" सचिन का मानना है कि युवा बल्लेबाज की स्वाभाविक शैली ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और उसमें अनावश्यक बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है।
वैभव की तकनीक और आत्मविश्वास से प्रभावित सचिन ने कहा, "वह ऐसा खिलाड़ी लगता है जिसे खुद पर पूरा भरोसा है और उसे अच्छी तरह पता है कि वह क्या करना चाहता है। मैं उसकी नैचुरल इंस्टिंक्ट्स के साथ बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं करना चाहूंगा। जिस तरह वह गेंद को पढ़ता है और उस पर प्रतिक्रिया देता है, वह बेहद खास है।" उन्होंने आगे कहा, "अगर उसके दिमाग में बहुत सारी बातें डाल दी जाएं और लगातार निर्देश दिए जाएं, तो वहीं से मुश्किलें शुरू हो सकती हैं।"
सचिन तेंदुलकर ने वैभव की बल्लेबाजी के उस पहलू की भी चर्चा की, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। उनके अनुसार वैभव सिर्फ ताकत के दम पर रन नहीं बनाते, बल्कि गेंद की लाइन और लेंथ को बहुत जल्दी समझ लेते हैं। सचिन ने कहा, "मैंने उसकी बल्लेबाजी देखी। वह सच में बेहद खास थी। सिर्फ बड़े शॉट खेलने की क्षमता ही नहीं, बल्कि उसका रिस्टवर्क भी शानदार है। वह गेंद को केवल ताकत से नहीं मारता, बल्कि पहले उसे पढ़ता है और फिर सही दिशा में खेलता है।"
आईपीएल 2026 वैभव सूर्यवंशी के लिए यादगार साबित हुआ। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाए और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने विरोधी गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। सीजन के दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
वैभव सूर्यवंशी की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनकी तुलना अब युवा सचिन तेंदुलकर से भी की जाने लगी है। हालांकि सचिन ने इस मामले में संतुलित सोच रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, "मैं चयनकर्ता नहीं हूं, लेकिन सिर्फ मैं ही नहीं, हर कोई उसे किसी न किसी स्तर पर भारत के लिए खेलते देखना चाहता है। ऐसे खिलाड़ियों को समर्थन और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि हम उसका क्रिकेट एंजॉय करें और उस पर लगातार दबाव न डालें।"