रॉबिन उथप्पा का बड़ा दावा! कैंसर को मात देने वाले युवराज के लिए विराट बने विलेन, वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ी पर नहीं दिखाई 'दया'

विराट कोहली के हालिया फॉर्म को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं रॉबिन उथप्पा ने युवराज सिंह के अंतरराष्ट्रीय करियर को जल्दी समाप्त करने के लिए परोक्ष रूप से विराट कोहली को जिम्मेदार ठहराया।
उथप्पा ने युवराज का करियर जल्दी समाप्त करने के लिए कोहली को जिम्मेदार ठहराया
रॉबिन उथप्पा-युवराज सिंह-विराट कोहली
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नई दिल्ली: जहां एक तरफ विराट कोहली के हालिया फॉर्म को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) में उनका बैट शांत रहने और आउट होने के पैटर्न पर खूब बातें चलीं। इस बीच इंटरव्यू में रॉबिन उथप्पा ने यह इल्जाम लगाकर सनसनी फैला दी कि स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह कैंसर के बाद वापसी की कोशिश पर विराट कोहली ने ही पानी फेर दिया था।

दरअसल पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने कैंसर को मात देकर टीम में वापसी करने वाले युवराज सिंह के अंतरराष्ट्रीय करियर को जल्दी समाप्त करने के लिए परोक्ष रूप से विराट कोहली को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस तेजतर्रार ऑलराउंडर की फिटनेस में कुछ रियायत देने के आग्रह को तत्कालीन भारतीय कप्तान ने नामंजूर कर दिया था।

सफेद गेंद वाले क्रिकेट में भारत के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक युवराज ने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में टीम को टी20 और वनडे विश्व कप में खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वनडे विश्व कप 2011 की खिताबी जीत के बाद उन्हें कैंसर का पता चला जिसका उन्होंने अमेरिका में इलाज कराया।

युवराज ने कैंसर से उबरकर भारतीय टीम में वापसी की और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच में शतक भी लगाया लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में लचर प्रदर्शन करने के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया और फिर उन्होंने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

इस पर उथप्पा ने ‘लल्लनटॉप' को दिए इंटरव्यू में कहा कि, ‘‘युवी पा (युवराज सिंह) का उदाहरण लें। उस व्यक्ति ने कैंसर को हरा दिया और वह अंतरराष्ट्रीय टीम में वापस आने की कोशिश कर रहा था। उस व्यक्ति ने हमें दो बार विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।'' उन्होंने यह भी कहा कि , ‘‘जब आप कप्तान बनते हैं तब ऐसे खिलाड़ी के लिए कहते हैं कि उसके फेफड़ों की क्षमता कम हो गई है जबकि आपने उस खिलाड़ी को संघर्ष करते हुए देखा है। मुझे किसी ने इस बारे में नहीं बताया लेकिन मैं चीजों का आकलन करता हूं।''

उथप्पा ने आगे कहा कि, ‘‘आपने उन्हें संघर्ष करते हुए देखा है, फिर जब आप कप्तान बनते हैं तो फिर आप कुछ मानक तय करके उनका स्तर बनाए रखना चाहते हैं। लेकिन हर मामले में कुछ अपवाद होते हैं और यहां उस व्यक्ति की बात हो रही है जो अपवाद होने का हकदार था। उस व्यक्ति ने केवल आपके लिए टूर्नामेंट जीते हैं बल्कि कैंसर को भी हराया है।''

उथप्पा ने खुलासा किया कि युवराज ने फिटनेस टेस्ट में अंक कटौती की मांग की थी लेकिन टीम प्रबंधन ने उन्हें कोई रियायत देने से इनकार कर दिया। हालांकि इससे पहले उन्होंने टीम में शामिल होने के लिए फिटनेस टेस्ट पास किया था। उन्होंने कहा, ‘‘ जब युवी ने दो अंक की कटौती के लिए अनुरोध किया, तो उन्हें यह नहीं मिला। वह फिटनेस टेस्ट पास करके टीम में आए थे लेकिन एक टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया और फिर उनकी तरफ कभी गौर नहीं किया गया। विराट तब कप्तान थे जो कुछ हुआ उनके अनुसार हुआ।''

उथप्पा ने कोहली की नेतृत्व शैली के बारे में कहा कि वह ‘माई वे और द हाइवे' तरह के कप्तान थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं विराट की कप्तानी में बहुत अधिक नहीं खेला हूं लेकिन एक कप्तान के रूप में वह माई वे या हाइवे (सब कुछ उनकी मर्जी के अनुसार होना) तरह के कप्तान थे। यह केवल परिणाम से नहीं जुड़ा है बल्कि यह अपनी टीम और साथियों के साथ व्यवहार से भी जुड़ा है।'' (एजेंसी इनपुट के साथ)

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