

लंदन: क्रिकेट में समय-समय पर नए नियमों का आना आम बात है, लेकिन इस बार MCC (मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब) और ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) मिलकर एक बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। यह बदलाव खासतौर पर उन कैचों से जुड़ा है, जो बाउंड्री लाइन के पास हवा में छलांग लगाकर लिए जाते हैं। जिन्हें आमतौर पर 'बनी-हॉप' कैच कहा जाता है।
ऐसे कैच जिनमें फील्डर बाउंड्री लाइन के बाहर खड़ा होकर हवा में उछलते हैं और फिर दोबारा बॉल को अंदर की ओर फेंकते हैं या फिर कैच की कोशिश करते हैं। यह तकनीक कई बार शानदार दिखती है, लेकिन अब इसे क्रिकेट के नियमों के खिलाफ माना जाएगा। डेवाल्ड ब्रेविस ने आईपीएल में पंजाब किंग्स के खिलाफ जो कैच पकड़ा था वो अब मान्य नहीं होगा।
एमसीसी के नए नियम के मुताबिक, अब बाउंड्री के बाहर हवा में उड़ते हुए फील्डर गेंद को केवल एक बार ही छू सकता है। अगर कैच को पूरा करना है तो फील्डर को बाउंड्री लाइन के अंदर आकर पूरा करना होगा। बाउंड्री लाइन के बाहर हवा में रहते हुए बॉल को छूना या कैच करना अब वैध नहीं माना जाएगा। ऐसा कैच तभी मान्य होगा जब फील्डर गेंद को पकड़ते वक्त और जमीन पर उतरते समय पूरी तरह मैदान से बाउंड्री लाइन के अंदर हो। आईसीसी ने इसी महीने से इसे लागू करने का फैसला किया है। जबकि एमसीसी के आधिकारिक नियमों में यह बदलाव अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
ये कैच होगा मान्य
इस वीडियो में आपको जो कैच दिख रहा है, वो आईसीसी और एमसीसी के नजर में मान्य होगा। इस वीडियो में हरलीन दओल ने बाउंड्री के अंदर हवा में छलांग लगाकर गेंद को पकड़ा और उसके बाद वो गेंद को उछलाकर बाउंड्री के बाहर चली गई। उसके बाद उन्होंने बाउंड्री के अंदर आकर कैच को पूरा किया। यह कैच अभी भी पूरी तरह से मान्य है।
बीबीएल 2023 में लिया गया कैच आज तक सुर्खियों में बना हुआ है। इस कैच के बाद विवाद भी बढ़ गया था। माइकल नेसर ने बाउंड्री लाइन के पार हवा में गेंद को दो से तीन बार उछालकर बाउंड्री के अंदर पकड़ा था। जिसे नियम के तहत सही माना गया था। जिसके बाद इसपर बहस छिड़ गया। ऐसा ही मामला 2020 में मैच रेनशॉ के साथ भी हुआ था। रेनशॉ ने बाउंड्री के बाहर से गेंद को अंदर फेंका और फिर साथी खिलाड़ी टॉम बैंटन ने इस कैच पूरा किया था।
इस साल की शुरुआत में एमसीसी ने आईसीसी को एक आधिकारिक प्रस्ताव भेजकर ‘बनी-हॉप’ कैच को लेकर चिंता जताई थी। एमसीसी का मानना था कि बाउंड्री लाइन के बाहर खड़े होकर हवा में गेंद को बार-बार छूना या उछालना क्रिकेट की खेलभावना के खिलाफ है और इस पर रोक लगनी चाहिए। एमसीसी ने यह स्पष्ट किया कि अब ऐसे कैच को मान्यता नहीं दी जाएगी, जिनमें फील्डर पूरी तरह बाउंड्री के बाहर खड़ा हो और हवा में रहकर गेंद को संभालने की कोशिश करे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि कोई खिलाड़ी मैदान के अंदर से गेंद को हवा में मारता है, फिर बाउंड्री के बाहर चला जाता है और दोबारा मैदान में लौटकर कैच पूरा करता है, तो वह कैच वैध माना जाएगा।