ललित मोदी का IPL को लेकर बड़ा बयान, कहा- ये लीग सिर्फ टैलेंट नहीं बल्कि प्लेयर को काबिलियत का मंच देती है

Lalit Modi Statement: ललित मोदी ने कहा कि आईपीएल ने टैलेंट पहचानने का तरीका बदल दिया है। अब खिलाड़ी सालों नहीं, कुछ मैचों में ही खुद को साबित कर दुनिया में पहचान बना रहे हैं।
Lalit Modi Statement on IPL
ललित मोदी (फोटो- सोशल मीडिया)
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Lalit Modi Statement on IPL: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक ललित मोदी ने लीग के उद्देश्य और उसके प्रभाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आईपीएल सिर्फ नए खिलाड़ियों की खोज ही नहीं करता, बल्कि उन्हें दुनिया के सामने खुद को साबित करने का मंच भी देता है।

आईपीएल का असली मकसद

ललित मोदी ने बताया कि आईपीएल को पारंपरिक क्रिकेट सिस्टम से अलग सोच के साथ बनाया गया था। उन्होंने कहा, "इंडियन प्रीमियर लीग का मकसद कभी भी क्रिकेट के पारंपरिक रास्तों पर चलना नहीं था। इसे उन रास्तों को बदलने के लिए बनाया गया था। पहले दिन से ही, आइडिया सीधा सा था।  महानता को खोजने के लिए सालों इंतजार करना बंद करो और इसके बजाय उसे सबसे चमकदार रोशनी में दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों के सामने खुद को जाहिर करने पर मजबूर करो।"

युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच

मोदी ने वैभव सूर्यवंशी और मुकुल चौधरी जैसे खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज जो निडर युवा सामने आ रहे हैं, वह आईपीएल के विजन का ही परिणाम है। "आज हम वैभव सूर्यवंशी, मुकुल चौधरी जैसे खिलाड़ियों और निडर युवा क्रिकेटरों की लगातार आती लहर में जो देख रहे हैं, वह कोई विकास नहीं है। यह वही बदलाव है जो बिल्कुल वैसा ही हो रहा है जैसा सोचा गया था।"

गुमनामी से शोहरत तक का सफर

आईपीएल ने खिलाड़ियों के करियर का रास्ता पूरी तरह बदल दिया है। मोदी ने कहा, "आईपीएल ने वह कर दिखाया है जो उससे पहले कोई भी सिस्टम नहीं कर पाया था। इसने समय की दूरी को खत्म कर दिया है। एक खिलाड़ी जो कभी गुमनामी में पांच साल बिताता था, उसे अब खुद को साबित करने के लिए पांच मैच मिलते हैं। अगर वह अच्छा प्रदर्शन कर पाता है, तो पूरी दुनिया रातों-रात उसका नाम जान जाती है।"

मोदी ने जोर देकर कहा कि आईपीएल ने टैलेंट पहचानने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। "चलिए, यह बात साफ कर दें—यह कोई इत्तेफाक से मिली स्काउटिंग सफलता या किस्मत से बनी पाइपलाइन नहीं है। यह टैलेंट पहचानने और उसे तेजी से आगे बढ़ाने का अब तक का सबसे असरदार सिस्टम है, जो इस खेल ने कभी देखा है।"

उन्होंने आगे कहा कि अब क्रिकेट में नाम या बैकग्राउंड मायने नहीं रखता। छोटे शहरों के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर खुद को साबित कर रहे हैं। यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह और रवि बिश्नोई जैसे खिलाड़ी इसका उदाहरण हैं, जिन्होंने कम समय में बड़ा नाम बनाया।

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