IPL Captains Meet: कप्तानों ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल, BCCI ने लिया ये बड़ा फैसला

IPL 2026: आईपीएल 2026 से पहले मुंबई में BCCI मुख्यालय में सभी कप्तानों की मीटिंग हुई। इस दौरान एक नियम पर नाराजगी जताई गई, जिस पर बोर्ड ने अपना फैसला साफ कर दिया।
Captians Meet IPL 2026
आईपीएल 2026 (फोटो- सोशल मीडिया)
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Indian Premier League 2026: आईपीएल के 19वें सीजन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और टूर्नामेंट के आगाज से पहले मुंबई में सभी टीमों के कप्तान एक अहम मीटिंग के लिए एकत्र हुए। इस सीजन का पहला मुकाबला आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। मीटिंग से पहले कप्तानों का फोटोशूट भी हुआ, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस दौरान खिलाड़ियों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत और मस्ती भी देखने को मिली।

मैच के नियमों पर हुई विस्तृत चर्चा

इस बार की मीटिंग कई मायनों में खास रही। आईपीएल इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि फोटोशूट के दौरान सभी 10 टीमों के कप्तान भारतीय थे। मीटिंग में मैच से जुड़े कई अहम नियमों पर चर्चा की गई। इस बैठक का संचालन मैच रेफरी पैनल के प्रमुख जवागल श्रीनाथ और एलीट अंपायर नितिन मेनन ने किया। बीसीसीआई ने इस सीजन के लिए गेंद बदलने और ट्रेनिंग से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किए हैं। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर हुई। सभी कप्तानों ने इस नियम पर अपनी राय रखी और इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर कप्तानों की नाराजगी

मीटिंग में सामने आया कि कई कप्तान इम्पैक्ट प्लेयर नियम से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि यह नियम खेल के संतुलन को प्रभावित करता है। कप्तानों के अनुसार, इससे बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बिगड़ता है, जिससे मैच का पारंपरिक स्वरूप बदल रहा है।

इस नियम के तहत टीमें मैच के दौरान अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकती हैं। मैच शुरू होने से पहले टीमों को पांच ऐसे खिलाड़ियों के नाम देने होते हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में शामिल किया जा सकता है।

BCCI का फैसला क्या रहा

कप्तानों की आपत्तियों के बावजूद बीसीसीआई ने इस नियम को जारी रखने का फैसला किया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम साल 2027 तक लागू रहेगा। यह नियम पहली बार साल 2023 में आईपीएल में लागू किया गया था और तब से लगातार चर्चा में बना हुआ है। बीसीसीआई का मानना है कि यह नियम खेल में रणनीतिक विकल्प बढ़ाता है, जबकि कुछ खिलाड़ी और कप्तान इसे संतुलन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण मानते हैं।

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