

Tilak Varma Response On Criticism: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर T20 सीरीज में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उपकप्तान तिलक वर्मा के स्ट्राइक रेट पर लगातार सवाल उठ रहे थे। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 सीरीज से पहले तिलक ने इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए साफ कहा कि वो व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी करते हैं।
प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक वर्मा ने कहा कि वो जरूरत पड़ने पर पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं, लेकिन हर मैच की परिस्थिति अलग होती है।उन्होंने कहा, 'इस खेल में अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम पर खेलना पड़ता है, खासकर विदेशी परिस्थितियों में ये आसान नहीं होता। मैंने हमेशा कहा है कि टीम को जो जरूरत होती है, मैं वही करता हूं। अगर टीम के लिए पारी संभालनी पड़े तो वो भी करूंगा और अगर पहली गेंद से आक्रमण करना हो तो वो भी कर सकता हूं।'
तिलक वर्मा ने बताया कि आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारत को लगातार शुरुआती झटके लगे, जिसकी वजह से मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों को पारी संभालनी पड़ी।उन्होंने कहा कि आयरलैंड से लेकर इंग्लैंड तक कई मैचों में हमने पावरप्ले या शुरुआती 10 ओवरों में चार-पांच विकेट गंवा दिए। ऐसी स्थिति में आते ही बड़े शॉट खेलने का कोई मतलब नहीं होता। मैं जानता हूं कि पहली गेंद से भी छक्के लगा सकता हूं, लेकिन मैं देश के लिए खेल रहा हूं और इसके साथ जिम्मेदारियां भी आती हैं।'
तिलक ने खुलासा किया कि टीम मैनेजमेंट उन्हें उपकप्तान के तौर पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपता है और वो उसी योजना के अनुसार बल्लेबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय टीम को क्या चाहिए। कभी मुझे आखिर तक बल्लेबाजी करनी होती है तो कभी मैच की स्थिति के हिसाब से योजना बदल जाती है। उपकप्तान होने के नाते टीम मैनेजमेंट मुझे कुछ जिम्मेदारियां देता है और मैं उन्हें पूरा करना चाहता हूं। इसलिए मैं हमेशा टीम की योजना के अनुसार खेलता हूं।
तिलक वर्मा ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर खेले गए 7 T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 178 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 131.85 रहा, जिसे लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए। आयरलैंड के खिलाफ दूसरे T20 में 55 रन, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी T20 में सिर्फ 25 गेंदों पर 53 रन की तेज पारी खेली, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 212.00 रहा।
भारत हाल के दिनों में व्हाइट-बॉल क्रिकेट में लगातार संघर्ष करता नजर आया है। टीम पहले आयरलैंड से 0-2 से T20 सीरीज हारी, फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से T20 सीरीज गंवाई और उसके बाद वनडे सीरीज भी 2-1 से हार गई। इन हारों के बाद भारतीय बल्लेबाजों की स्ट्राइक रेट, टीम की रणनीति और गेम प्लैन को लेकर लगातार बहस जारी है। अब देखना ये है की आने वाले भारत बनाम जिम्बाब्वे मुकाबले में टीम की रणनीति और प्रर्दशन क्या आलोचनाओं को रोक पाती है या टीम इंडिया के नाम दर्ज होगी एक और हार।