Indian Team Highest ODI Run Chase: वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। खासकर जब सामने 350 या 400 से ज्यादा रनों का लक्ष्य हो, तब बल्लेबाजों को संयम के साथ आक्रामक बल्लेबाजी का भी सही तालमेल बनाना पड़ता है। वनडे इतिहास में कुछ टीमों ने ऐसे मुश्किल लक्ष्य का पीछा किया है, जिन्हें क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे।
आइए जानते हैं वनडे क्रिकेट इतिहास में सफलतापूर्वक हासिल किए गए 5 सबसे बड़े लक्ष्य के बारे में।
2019 वर्ल्ड कप जीतने से कुछ महीने पहले इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार रन चेज किया था। बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 360 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड ने 48.4 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इंग्लैंड की ओर से जेसन रॉय ने 83 गेंदों में 125 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और 3 छक्के लगाए। जो रूट ने 97 गेंदों पर 102 रन की पारी खेली। वहीं कप्तान इयोन मोर्गन ने 51 गेंदों में नाबाद 65 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया।
2016 में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक और हाई स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिला। डरबन के किंग्समीड में खेले गए पांच मैचों की सीरीज के तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा।
दक्षिण अफ्रीका ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 49.2 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। क्विंटन डी कॉक ने 49 गेंदों में 70 रन बनाए। इसके बाद डेविड मिलर ने सिर्फ 79 गेंदों में नाबाद 118 रन की तूफानी पारी खेली और टीम को जीत दिलाई। दक्षिण अफ्रीका ने 4 विकेट और 4 गेंद बाकी रहते मुकाबला अपने नाम किया।
2025 में आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 के मुकाबले में नीदरलैंड्स ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 370 से ज्यादा रनों का सफल रन चेज किया। डंडी के फोर्थिल में खेले गए मुकाबले में स्कॉटलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 369/6 रन बनाए।
जवाब में नीदरलैंड्स ने 49.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ओपनर मैक्स ओ'डॉड ने 130 गेंदों में नाबाद 158 रन की शानदार पारी खेली। तेजा निदामानुरु और नोआ क्रोज ने भी अर्धशतक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
सितंबर 2026 में गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार रन चेज करते हुए 406 रन का लक्ष्य हासिल किया। तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रन बनाए थे।
जवाब में भारतीय टीम ने 43.3 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। रोहित शर्मा ने 75 गेंदों में 101 रन की पारी खेली। वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अपना दूसरा वनडे दोहरा शतक लगाया। रुतुराज गायकवाड़ ने भी उपयोगी पारी खेली। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
वनडे क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में 2006 का दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया मैच आज भी सबसे ऊपर गिना जाता है। जोहान्सबर्ग में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 434/4 रन बनाए। यह उस समय वनडे क्रिकेट का पहला 400 से ज्यादा का स्कोर था।
इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने असाधारण बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 438/9 रन बनाकर मैच जीत लिया। हर्शल गिब्स ने 111 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेली। कप्तान ग्रीम स्मिथ ने 55 गेंदों में 90 रन बनाए। अंत में मार्क बाउचर ने नाबाद 50 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को एक विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह मुकाबला वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े रन चेज में लंबे समय तक नंबर-1 रहा और आज भी इसे क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में शामिल किया जाता है।