

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव का जन्म 25 अक्टूबर 1987 को हुआ था। आज उमेश अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं। उमेश यादव ने अपनी गति और सटीकता के वजह से टीम इंडिया में जगह बनाई थी। लेकिन एक समय ऐसा भी था कि जब उमेश यादव कोयला के खदान में काम किया करते थे। उमेश इस समय विदर्भ से रणजी ट्रॉफी खेलने में व्यस्त हैं।
पिछले कुछ समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे उमेश यादव के पिता का सपना था कि उनका बेटा पुलिस में भर्ती हो यह सेना में जाकर देश की सेवा करें। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आर्थिक तंगी के कारण के वो अपने बेटे को अधिक नहीं पढ़ा पाएं। हालांकि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून और पागलपन ने उन्हें क्रिकेट के फील्ड में शोहरत दिलाई।
अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत उमेश ने टेनिस बॉल क्रिकेट से की। उमेश का सपना बड़ा था वो टेनिस बॉल खेलते-खेलते लेदर बॉल क्रिकेट में पहुंच गए। फिर टेनिस बॉल क्रिकेट को छोड़ पूरी तरह से लेदर बॉल क्रिकेट का दामन थाम लिया। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने इससे ही प्रैक्टिस करना शुरू किया और उनके गति के कारण जल्दी ही विदर्भ के लिए खेलने का मौका मिला। विदर्भ के लिए जब खेलने का मौका मिला तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा है।
उमेश यादव को 2008 में रणजी ट्रॉफी में खेलने का अवसर मिला। पहली पारी में उन्होंने 75 रन देकर 4 विकेट लिए, जिससे वह सेलेक्टर्स की नजर में आ गए। इसके बाद उन्हें आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के साथ खेलने का मौका मिला। फिर 2010 में उन्होंने भारतीय टीम में डेब्यू किया। 28 मई 2010 को जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे में अपना डेब्यू किया था। उसके बाद 6 नवंबर 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया। वहीं वनडे में उनका डेब्यू 7 अगस्त 2012 को हुआ।
उमेश यादव ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेला है। उमेश ने 57 टेस्ट में 170 विकेट चटकाए हैं। वहीं 75 वनडे में 106 विकेट प्राप्त किया है। जबकि 9 टी20 इंटरनेशल मैच में 12 विकेट लिए हैं। उमेश यादव बल्ले से अंत में कुछ छक्के लगाने के लिए भी जाने जाते हैं। टेस्ट में उन्होंने 460 रन बनाए। वनडे में 79 और टी20 में 22 रन बनाए हैं।