Women's Asia Cup 2026: गुल फिरोजा पर मैच फीस का 10% जुर्माना, अंपायर के फैसले पर असहमति जताने पर कार्रवाई

Gull Feroza Fine: महिला एशिया कप 2026 में अंपायर के फैसले पर असहमति जताने पर पाकिस्तान की गुल फिरोजा पर मैच फीस का 10% जुर्माना और 1 डिमेरिट प्वाइंट लगा।
Women's Asia Cup 2026: Gul Firoza fined 10% of match fee for showing dissent at the decision.
गुल फिरोजा (सोर्स - सोशल मीडिया)
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ICC Code Of Conduct Penalty On Gull: पाकिस्तान की बल्लेबाज गुल फिरोजा पर महिला एशिया कप 2026 में हांगकांग, चीन के खिलाफ मैच के दौरान आईसीसी आचार संहिता तोड़ने पर कार्रवाई हुई है। उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उनके खाते में 1 डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ा गया है।

क्या है पूरा मामला?

ये घटना पाकिस्तानी पारी के 5वें ओवर में हुई। गुल फिरोजा को एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने बल्ले की ओर इशारा करते हुए अंपायर के फैसले पर असहमति जताई। उनका कहना था कि गेंद उनके बल्ले के किनारे से लगी थी।

गुल फिरोजा को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। ये नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से जुड़ा है।

डिमेरिट प्वाइंट हुए 2

ये 24 महीनों के अंदर गुल फिरोजा का दूसरा अनुशासनात्मक मामला है। नए डिमेरिट प्वाइंट के साथ इस अवधि में उनके कुल डिमेरिट प्वाइंट 2 हो गए हैं। उन्हें पहला डिमेरिट प्वाइंट 23 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला T20 विश्व कप लीग मैच के दौरान हुई घटना के लिए मिला था।

फिरोजा ने मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास की ओर से प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया। इसलिए इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। ये शिकायत मैदान पर मौजूद अंपायर रबाब अहसान और रोकेया सुल्ताना, तीसरे अंपायर शिवानी मिश्रा और चौथे अंपायर शथिरा जाकिर ने की थी।

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ICC द्वारा हो सकती है बड़ी कारवाई

आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 के उल्लंघन में आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के 50 प्रतिशत तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ 1 या 2 डिमेरिट प्वाइंट भी दिए जा सकते हैं।

आईसीसी की अनुशासन व्यवस्था के तहत 24 महीनों में 4 या उससे ज्यादा डिमेरिट प्वाइंट मिलने पर उन्हें सस्पेंशन प्वाइंट में बदला जाता है। 2 सस्पेंशन प्वाइंट होने पर खिलाड़ी को 1 टेस्ट या 2 वनडे या 2 T20 मैचों से प्रतिबंधित किया जा सकता है। इनमें जो भी मैच पहले आता है, प्रतिबंध उसी के अनुसार लागू होता है।

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