

बेकेनहैम: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम इंग्लैंड में 7 जून से ही तैयारी शुरू कर दी है। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट 20 जून से लीड्स में खेला जाएगा। इस दौरे से पहले भारत के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया। वहीं ऑस्ट्रेलिया दौरे के समय रविचंद्रन अश्विन ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।
भारतीय टीम के लिए यह दौरा काफी कठिन होने वाला है। क्योंकि पिछले 6 महीने में तीन बड़े खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। अब भारत के पास लगभग 300 मैचों का अनुभव मैदान पर मौजूद नहीं रहेगा। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी इस दौरे पर होने वाली चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ है, लेकिन वह इसे खिलाड़ियों के लिए आगे आकर कुछ खास हासिल करने का मौका के रूप में भी देखते हैं।
गंभीर ने बीसीसीआई द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में कहा कि मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि इस ग्रुप को देखने के दो तरीके हैं। एक तो यह कि हम अपने तीन सबसे अनुभवी खिलाड़ियों के बिना हैं या फिर हमारे पास कुछ खास करने का यह शानदार मौका है। गंभीर चाहते हैं कि टेस्ट टीम के सदस्य त्याग करने के लिए तैयार रहें, अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलें और अपने देश के लिए खेलने का आनंद लेना शुरू करें।
https://twitter.com/BCCI/status/1933011381231759586
उन्होंने कहा कि जब मैं इस टीम को देखता हूं, तो मुझे इसमें जुनून, जोश और कुछ खास करने की चाह दिखती है। अगर हम त्याग करें, आराम छोड़ें और हर दिन नहीं, बल्कि हर सेशन, हर घंटे और हर गेंद के लिए लड़ें तो हम इस दौरे को यादगार बना सकते हैं। इसलिए इसे आज से ही शुरू करें। अपने देश के लिए खेलना शुरू करें और इसका मज़ा लें, क्योंकि इससे बड़ा सम्मान कोई नहीं है। रोहित के संन्यास के बाद शुभमन गिल को टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया है और वह गंभीर के विचारों से सहमत हैं।
उन्होंने कहा कि हर नेट सेशन को सार्थक बनाएं और उसी सोच के साथ तैयारी करें। जब हम मैदान में उतरें, तो खुद पर थोड़ा दबाव डालें। ये सिर्फ टिके रहने की बात नहीं है, बल्कि ये समझने की कोशिश करें कि दबाव में हम कैसे खेलते हैं, चाहे बल्लेबाज हों या गेंदबाज। प्रैक्टिस मैच और हर नेट सेशन को गंभीरता से लें और हर गेंद पूरे फोकस और मकसद के साथ खेलें।