इन 3 फैसलों से पलटी बाजी, बड़े दिल वाले कप्तान बन गए कप्तान सूर्या, हर कोई कर रहा है तारीफ

ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने कप्तान के जोखिम लेने की क्षमता व खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाने के फैसले की तारीफ की और कहा कि इस तरह से खिलाड़ियों को मौका देने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और टीम में दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने की भावना विकसित होती है।
all-rounder Captain Suryakumar Washington Sundar
मैच के दौरान कप्तान सूर्या व वाशिंगटन सुंदर व गिल (सौं. बीसीसीआई ट्वीट)
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पालेकल :  यूं तो मैच के तनावपूर्ण क्षण में अपने मन के अप्रत्याशित फैसले लेने और सकारात्मक रिजल्ट में बदलने के लिए पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी की तारीफ की जाती है, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में कप्तान के साहसिक फैसले से श्रीलंका के हाथों से जीत छीनने में सफल रहा।

मैच जीतने के बाद ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने सूर्यकुमार यादव को ‘बड़े दिल वाला' कप्तान करार देते हुए कहा कि जोखिम लेने की उनकी अद्भुत क्षमता के कारण ही भारत तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में श्रीलंका को हराने में सफल रहा। कहा कि सूर्यकुमार ने मंगलवार को खेले गए मैच में श्रीलंका की पारी के अंतिम क्षणों में कुछ दिलचस्प बदलाव किए। जिसके कारण मैच का पासा पलट गया।

आपको बता दें कि श्रीलंका को जब 138 रन के लक्ष्य के सामने आखिरी दो ओवर में केवल 12 रन चाहिए थे, तब उन्होंने रिंकू सिंह को गेंद थमा दी, जो ऐसे मौके पर पहले कभी गेंदबाजी करते नहीं देखे गए हैं। उन्होंने कप्तान के फैसले को सही ठहराया और 19वें ओवर में केवल 3 रन देकर दो विकेट लिए। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार अंतिम ओवर करने के लिए स्वयं आए और उन्होंने भी दो विकेट हासिल करके स्कोर बराबर करवा दिया, जिससे मैच सुपर ओवर में चला गया। सुपर ओवर में श्रीलंका ने केवल चार गेंदों के भीतर दो विकेट खो दिए और भारत ने पहली ही गेंद पर सूर्यकुमार के चौके की मदद से तीन रन का लक्ष्य हासिल कर श्रृंखला में क्लीन स्वीप किया।

ऑलराउंडर वाशिंगटन  बोले

सुंदर ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘ ईमानदारी से कहूं तो यह उनका कमाल है। यह उनकी नेतृत्व क्षमता का कमाल है क्योंकि जीत के लिए जब 12 गेंद पर 12 रन चाहिए थे सब रिंकू सिंह को गेंद सौंपना और वह भी तब जब कुसल परेरा बल्लेबाजी कर रहे हों। रिंकू ने उन्हें आउट किया और सूर्या स्वयं आखिरी ओवर करने के लिए आए और उन्होंने हमें मैच जिता दिया।''

ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर बोले कि हम सभी जानते हैं कि जब सूर्यकुमार बल्लेबाजी करने के लिए जाते हैं तो जोखिम लेने से नहीं डरते हैं। नेतृत्व के मामले में भी वह बड़े दिलवाले कप्तान हैं। इस जीत का सारा श्रेय उन्हें जाता है और (यह) उनका अद्भुत प्रदर्शन था।

सुंदर ने कहा कि वह सूर्यकुमार ही थे जो इस बात पर जोर देते रहे कि भारत को श्रीलंका पर दबाव बनाए रखने के लिए बीच के ओवरों में विकेट लेने चाहिए, भले ही मेजबान टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी स्थिति में रही।

ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने बताया कि मैच के दौरान सूर्यकुमार हमसे कहते रहे कि एक या दो विकेट लेने से मैच की स्थिति बदलेगी। विशेष कर इस तरह के कम स्कोर वाले मैच में जबकि विकेट से मदद मिल रही हो तब बल्लेबाजों पर दबाव होता है। वह हमसे कहते रहे की बीच के ओवरों में एक दो विकेट मिलने से हम मैच में बने रहेंगे और ठीक वैसा ही हुआ।

ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता था कि मैं गेंदबाजी करने जा रहा हूं, लेकिन बल्लेबाजों के बल्लेबाजी करने के लिए जाने के बाद सूर्या पीछे मुड़ा और उन्होंने कहा वाशिंगटन तुम गेंदबाजी करोगे। सच कहूं तो इससे मैं काफी खुश हुआ क्योंकि मुश्किल परिस्थितियों में कप्तान ने आप पर भरोसा दिखाया।''

सुंदर ने 25 रन बनाने के अलावा दो विकेट भी लिए और उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें सुपर ओवर करने के लिए कहा गया तो वह हैरान और खुश भी थे। आखिरकार उन्होंने कप्तान के फैसले को सही ठहरा दिया। इस तरह से खिलाड़ियों को मौका देने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और टीम में दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने की भावना विकसित होती है।

- एजेंसी इनपुट के साथ

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