IPL 2025 में अनिल चौधरी अंपायरिंग की जगह अब इस फील्ड में अजमाएंगे अपना हाथ, उन्होंने खुद किया खुलासा

पिछले सीजन तक अंपायर की भूमिका निभाने वाले अनिल चौधरी अब इस सीजन से कमेंट्री करते नजर आएंगे। अनिल चौधरी पिछले सप्ताह ही 60 साल के हुए हैं। 60 साल के होने के बाद अनिल चौधरी अब अंपयरिंग से संन्यास ले सकते हैं। 
ANIL CHAUDHARY
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स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल 2025 में कई नियम बदले गए हैं। इस सीजन से गेंदबाज लार का प्रयोग कर सकते हैं। वहीं 11 ओवर के बाद गेंद बदले भी जा सकते हैं। पिछले सीजन तक अंपायर की भूमिका निभाने वाले अनिल चौधरी अब इस सीजन से कमेंट्री करते नजर आएंगे। अनिल चौधरी पिछले सप्ताह ही 60 साल के हुए हैं। 60 साल के होने के बाद अनिल चौधरी अब अंपयरिंग से संन्यास ले सकते हैं।

अनिल चौधरी ने आईपीएल के पिछले 17 सत्र में अंपायर की भूमिका निभाई थी लेकिन पिछले सप्ताह 60 वर्ष के होने के बाद अब वह इस सत्र में कमेंटेटर की भूमिका में नजर आएंगे। यह उनका अंपायरिंग से संन्यास लेने का संकेत है। चौधरी का विदाई मैच पिछले महीने नागपुर में केरल और विदर्भ के बीच रणजी ट्रॉफी फाइनल था।

इंटरनेशनल मैच में 2023 में की थी अंपायरिंग

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने आखिरी बार सितंबर 2023 में अंपायरिंग की थी। उन्होंने कुल मिलाकर 12 टेस्ट, 49 वनडे और 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग की। संन्यास करीब होने के कारण चौधरी ने अपने भविष्य की योजना बनानी शुरू कर दी थी और उन्होंने क्षेत्रीय भाषा में कमेंट्री शुरू कर दी थी। वह 22 मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल में हरियाणवी में कमेंट्री करेंगे और कभी-कभी हिंदी में भी हाथ आजमाएंगे।

पिछले तीन-चार महीनों से कर रहें कमेंट्री

चौधरी ने मीडिया एजेंसी से कहा कि मैं पिछले तीन-चार महीनों से कमेंट्री कर रहा हूं। मैं पहले से ही बदलाव के दौर में था। मैं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अंपायरिंग और कमेंट्री भी सिखा रहा हूं। चौधरी 2008 में आईपीएल के शुरू होने से ही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अंपायरिंग करते रहे हैं।

आईपीएल में 50 मैचों में करेंगे कमेंट्री

दिल्ली में रहने वाले चौधरी ने कहा कि एक अंपायर के रूप में मैं एक सत्र में लगभग 15 मैच में अंपायरिंग करता था लेकिन यहां मुझे 50 से अधिक मैच में कमेंट्री करने का मौका मिलेगा। कमेंट्री करते हुए पूर्व क्रिकेटर खेल को अपने तरीके से देखते हैं और एक अंपायर होने के नाते मेरा खेल पर एक अलग दृष्टिकोण है। यह मजेदार है।

भारत ने विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा बना रखा है लेकिन वह पिछले कई वर्षों से अच्छे अंपायर तैयार नहीं कर पाया। चौधरी ने इसके कारणों के बारे में कहा कि हम मैदान पर बहुत तनाव लेते हैं। कभी-कभी हमारे अंपायर ठीक से खाना नहीं खाते हैं। हम सिद्धांत पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जबकि हमें व्यावहारिक कार्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

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