BCB को मिला नया अध्यक्ष, फारूक अहमद की जगह अमिनुल इस्लाम के हाथों में क्रिकेट की कमान

अमीनुल इस्लाम को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने फारुक अहमद की जगह ली, जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव के बाद हटाया गया। फारुक का कार्यकाल विवादों और बीपीएल से जुड़े मुद्दों से घिरा रहा।
BCB को मिला नया अध्यक्ष, फारूक अहमद की जगह अमिनुल इस्लाम के हाथों में क्रिकेट की कमान
अनिमुल इस्लाम (फोटो-सोशल मीडिया)
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ढाका: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के नए अध्यक्ष अब पूर्व राष्ट्रीय टीम के कप्तान अमिनुल इस्लाम बन गए हैं। उन्होंने फारूक अहमद की जगह ली है, जिन्हें विश्वास मत (नो-कॉन्फिडेंस मोशन) और कई विवादों के बाद हटा दिया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार यह फैसला ढाका में शुक्रवार को हुए बोर्ड मीटिंग में लिया गया। इससे एक दिन पहले ही खेल मंत्रालय ने फारूक को बोर्ड के प्रतिनिधि पद से हटा दिया था, जिससे वह स्वचालित रूप से अध्यक्ष पद के अयोग्य हो गए।

अमिनुल इस्लाम ने 1999 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की कप्तानी की थी और 2000 में देश का पहला टेस्ट शतक बनाया था। क्रिकेट में शानदार उपलब्धि हासिल करने के बाद अब एक मुश्किल समय में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष बने हैं। वे मेलबर्न में ICC डेवेलपमेंट मैनेजर की अपनी नौकरी से छुट्टी लेकर इस भूमिका में आए हैं। वे अक्टूबर 2025 में होने वाले अगले बोर्ड चुनाव तक इस पद पर रहेंगे।

नो-कॉन्फिडेंस मोशन के बाद गई फारूक की कुर्सी

फारूक की विदाई तब शुरू हुई जब बोर्ड के 8 निदेशकों ने उनके खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन दिया। इसके बाद एक जांच समिति ने BPL (बांग्लादेश प्रीमियर लीग) में भ्रष्टाचार के आरोपों की रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर खेल मंत्रालय ने कार्रवाई की। यह प्रस्ताव नजमुल अबेदीन फहीम ने भी साइन किया था, जो बोर्ड में मंत्रालय के दूसरे प्रतिनिधि थे।

फारूक को 21 अगस्त 2024 को नजमुल हसन के इस्तीफे के बाद BCB अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा। उन्होंने आते ही मुख्य कोच चंडिका हथुरुसिंघा पर सवाल उठाए और दो महीने के अंदर उन्हें हटा दिया, वो भी बिना बोर्ड से सलाह लिए। जो BCB के संविधान के खिलाफ था। इससे बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ उनके रिश्ते बिगड़ गए।

इस कारण से सरकार ने लिया फैसला

BPL के दौरान सबसे बड़ा विवाद तब हुआ जब दुर्बार राजशाही फ्रेंचाइज़ी ने खिलाड़ियों को समय पर पैसे नहीं दिए और होटल का बिल भी नहीं चुकाया। इससे खिलाड़ियों ने विरोध किया और सरकार को दखल देना पड़ा। इस घटना से अंतरिम सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा और खुद डॉ. मुहम्मद यूनुस ने इस मामले में दखल दिया। जो इस सरकार के प्रमुख हैं।

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