Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार अंत, 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर खत्म किया अभियान

CWG 2026 Final: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदक जीतकर चौथे स्थान पर सफर पूरा किया। शनिवार, 6 जुलाई का रिकॉर्ड प्रदर्शन भारत के लिए यादगार रहा।
Commonwealth Games: India's strong finish at the 2026 Commonwealth Games
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 फाइनल (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India Total Medals Commonwealth Games 2026 Glassgow: भारत ने ग्लास्गो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन 39 पदकों के साथ किया। आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ी कोई नया पदक नहीं जीत सके, लेकिन कुल 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

इस बार भारतीय बॉक्सरों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अकेले रिकॉर्ड 7 स्वर्ण पदक देश की झोली में डाले। इसके साथ ही धावक गुलवीर सिंह पुरुषों की 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर इस बार भारत के इकलौते 'डबल मेडलिस्ट' बने।भारत ने ग्लास्गो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन 39 पदकों के साथ किया। आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ी कोई नया पदक नहीं जीत सके, लेकिन कुल 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

इस बार भारतीय बॉक्सरों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अकेले रिकॉर्ड 7 स्वर्ण पदक देश की झोली में डाले। इसके साथ ही धावक गुलवीर सिंह पुरुषों की 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर इस बार भारत के इकलौते 'डबल मेडलिस्ट' बने।

पदक तालिका में चौथा स्थान

ऑस्ट्रेलिया ने 70 स्वर्ण समेत कुल 171 पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। मेजबान स्कॉटलैंड के भी 39 पदक रहे, लेकिन भारत के अधिक रजत पदक होने के कारण वह पांचवें स्थान पर रहा।

भारत की ओर से कुल 122 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 38 खिलाड़ी पदक जीतने में सफल रहे। एथलीट गुलवीर सिंह भारत के इकलौते डबल मेडलिस्ट रहे। उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीते।

जूडो में पदक से चूके खिलाड़ी

महिलाओं के -78 किग्रा वर्ग में ईशरूप नारंग ने रेपेचेज मुकाबले में कैमरून की जॉर्जिका वेस्ली को हराकर कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाई, लेकिन कनाडा की कोराली गॉडबाउट से हारकर पदक से चूक गईं।

पुरुषों के -81 किग्रा वर्ग में हर्ष तोकस ने रेपेचेज जीतकर कांस्य मुकाबले में प्रवेश किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कीशिन ओची से हार गए।वहीं अवतार सिंह पुरुषों के -100 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में साइप्रस के एरिस्टोस माइकल से हार गए। यश घंघास भी पुरुषों के +100 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-16 में इंग्लैंड के जोशुआ व्हाइटहाउस से हारकर बाहर हो गए।

साइक्लिंग में नहीं मिला पदक

ट्रैक साइक्लिंग में भारत का आखिरी दिन निराशाजनक रहा। रोनाल्डो सिंह लैटनजाम पुरुषों की 1000 मीटर टाइम ट्रायल फाइनल में पदक की दौड़ से बाहर हो गए। पुरुषों की 40 किमी पॉइंट्स रेस के पहले दौर में दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों भी बाहर हो गए, जिससे भारत का ट्रैक साइक्लिंग अभियान समाप्त हो गया।

लीशा दास का सम्मानजनक प्रदर्शन

पैरा साइक्लिंग में भारत की एकमात्र खिलाड़ी लीशा दास महिलाओं की C4-C5 1000 मीटर टाइम ट्रायल फाइनल में छठे स्थान पर रहीं। इससे पहले वो 4000 मीटर इंडिविजुअल पर्स्यूट के फाइनल में पहुंचने से भी मामूली अंतर से चूक गई थीं।

शनिवार रहा भारत के लिए सबसे यादगार

भारत की चौथे स्थान की मजबूत नींव शनिवार को रखी गई, जब खिलाड़ियों ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 16 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह भारत का गेम्स में एक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत शामिल रहे, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन है।

16 मेडल की ऐतिहासिक जीत से चौथा स्थान पक्का हो गया था। शनिवार को 16 मेडल की शानदार बढ़त के साथ ही स्टैंडिंग में भारत की स्थिति लगभग तय हो गई थी ये इन खेलों में देश का एक दिन का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था।

Commonwealth Games: India's strong finish at the 2026 Commonwealth Games;
गोल्ड मेडल इन खिलाड़ियों ने जीते- (सोर्स- AI Image)

एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में जलवा

पैरा एथलेटिक्स में भी पुरुषों के F57 शॉट पुट इवेंट में भारत को यादगार 'डबल पोडियम' मिला। सोमन राणा ने सीजन के अपने बेस्ट 13.40 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी शुभम जुयाल को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 13.28 मीटर के थ्रो के साथ भारत के लिए सिल्वर मेडल हासिल किया।

एथलेटिक्स में पुरुषों की ट्रिपल जंप इवेंट में भी भारत को एक और 'डबल पोडियम' मिला। इसमें प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की जंप के साथ सिल्वर मेडल जीता, वो जमैका के जॉर्डन स्कॉट (16.72 मीटर) से पीछे रहे। वहीं, उनके साथी खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने 16.52 मीटर की जंप के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। नीरज चोपड़ा, प्रवीण चित्रवेल, सेल्वा प्रभु थिरुमारन, यश वीर सिंह और गुलवीर सिंह के जरिए यादगार प्रदर्शन किया, जबकि भारत के पैरा-एथलीटों ने प्रतियोगिता में कई बार पोडियम पर कब्जा जमाया।

गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5,000 मीटर दौड़ में 13:24.95 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उस दिन भारत के मेडल की संख्या पूरी की। वे ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन और केन्या के माइकल किप्लांगट किपसांग से पीछे रहे, लेकिन केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को बहुत कम अंतर सिर्फ 0.04 सेकंड से पीछे छोड़ दिया।

2030 में अहमदाबाद पर होंगी नजरे

ग्लासगो गेम्स के समापन के बाद, अब सबकी नजरें अहमदाबाद में होने वाले 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स पर हैं, जहां भारत 2010 में नई दिल्ली के बाद दूसरी बार इस इवेंट की मेजबानी करेगा। समापन समारोह के दौरान, कॉमनवेल्थ बैटन आधिकारिक तौर पर भारत को सौंपी जाएगी। भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में सबसे सफल अभियानों में से एक के बाद, बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली जैस्मीन लैंबोरिया देश की ध्वजवाहक होंगी।

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CWG 2026 भारतीय खेल मेडल टैली(सोर्स- AI Image)
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