

तिथि - संवत
राष्ट्रीय मिति 4, शके 1945 , विक्रम संवत 2080, उत्तरायण शिशिर ऋतु, पौष शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 21:49,
ता. : 24 - 1 - 2024, बुधवार
सूर्य उदय - 7:03, सूर्य अस्त - 6:05
सूर्योदय कालीन नक्षत्र - पुनर्वसु अहोरात्र, योग - वैधृति 7:38, बाद में विष्कंभ, करण- गरज 9:11, बाद में वणिज 21:49, पश्चात विष्टि
शुभ दिवस – आज का दिन मध्यम है
ग्रह गोचर : सूर्य – मकर, चंद्र - कर्क, मंगल – धनु, बुध - धनु, गुरु - मेष,
शुक्र - धनु, शनि - कुंभ, राहु - मीन,
केतु - कन्या
भद्रा – रात 9:49 बजे प्रारंभ होगा
राहु काल - दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक
दिशा शूल- उत्तर एवं ईशान (उत्तर पूर्व)
आराधना – देवी की पूजा एवं आराधना
उपासना - कार्य सिद्धि, धन प्राप्ति हेतु उपवास एवं उपासना
खरीदी हेतु शुभ समय - आज प्रातः से रात तक पुनर्वसु नक्षत्र है जो खरीदी के लिए शुभ समय नहीं है
शुभ रंग - सफेद, हल्का सिलेटी
शुभ अंक - 5, 1, 4
शुभ रत्न - बुध के लिए पन्ना
ग्रह पीड़ा हरण मंत्र - बुध ग्रह
उत्पातरूपो जगतश्चंद्रपुत्रो महाद्युति।
सूर्य प्रियकरो विद्वान पीड़ां हरतु मे बुध:।
चौघड़िया मुहूर्त
दिन - लाभ - प्रात: 6:00,
अमृत- प्रात:7:30, काल- प्रात:9:00, शुभ- प्रात:10:30, रोग- दोप.12:00, उद्वेग- दोप.1:30, चंचल- दोप.3:00, लाभ- सायं 4:30
रात - उद्वेग - सायं 6:00,
शुभ- सायं 7:30, अमृत- रात 9:00, चंचल- रात10:30, रोग- रात12:00, काल- रात 1:30, लाभ- रात 3:00, उद्वेग - प्रात:4:30
शुभ मुहूर्त - शुभ,अमृत,लाभ,चंचल
अशुभ मुहूर्त - रोग,काल
मध्यम मुहूर्त - उद्वेग