निशानेबाज: ऊंची हमारे हिंदुस्तान की शान, पाकिस्तान बनेगा अब कब्रिस्तान

भारत जोश और होश दोनों में आगे है। यह महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, पृथ्वीराज चौहान, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान वीरों का देश है। ऐसे में हिंदुस्तान से पंगा लेना पाकिस्तान को काफी भारी पड़ने वाला है।
हमारे भारत का गौरव ऊंचा है, पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान अब कब्रिस्तान बन जाएगा
पाकिस्तान बनेगा कब्रिस्तान (डिजाइन फोटो)
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नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, हमें लगता है कि पाकिस्तान भारत से दुश्मनी करके खुद को कब्रिस्तान बनाना चाहता है। वहां के जनरल मुनीर की यह आखिरी मुराद जरूर पूरी होगी। हमारी सेना उचित समय पर लक्ष्य और स्थान देखकर अपने तरीके से पहलगाम आतंकी हमले का बदला अवश्य लेगी। इस बार सिर्फ सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि पाकिस्तान का पोस्टमार्टम कर दिया जाएगा। आपने कहावत सुनी होगी- सौ सुनार की एक लोहार की! पाकिस्तान की खोपड़ी पर घन मारकर भारत उसकी कपालक्रिया कर देगा।’

हमने कहा, ‘आपके जोश और देशभक्ति की हम सराहना करते हैं। दुर्गा माता, राम और कृष्ण ने राक्षसों का संहार किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि आतंकियों को ऐसी सजा मिलेगी जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्हें दंड़ित करने हम धरती के छोर तक चले जाएंगे। फिलहाल यह बताइए कि आप क्या तैयारी कर रहे हैं!’

पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, हमने हकीकत, बॉर्डर, मिशन कश्मीर, पलटन, एलओसी, कारगिल, उरी, शेरशाह, गाजी अटैक, लक्ष्य, सैम बहादुर, 1971, गुंजन सक्सेना कारगिल गर्ल जैसी राष्ट्रभक्ति पूर्ण युद्ध फिल्में देखनी शुरू कर दी हैं। टीवी पर भी यही दिखाते रहना चाहिए ताकि जनता में जोश आए।’

हमने कहा, ‘भारत जोश और होश दोनों में आगे है। यह महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, पृथ्वीराज चौहान, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे जैसे महान वीरों का देश है। यहां भगवान के अवतारों और महापुरुषों ने जन्म लिया। गंगा-यमुना की पावन भूमि की सौगंध, हम दुश्मन को मिट्टी में मिला देंगे।’

पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, हमारे वीर सेनानी सीमा पर दुश्मन का सफाया करते हैं तो हमें भी नागरी सुरक्षा बनाए रखनी है। शत्रु के स्लीपर सेल को नष्ट करना होगा। सीमा पर जानेवाले जवानों के काफिले का जगह-जगह अभिनंदन कर उन्हें भेंट-उपहार देना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा कोष में यथाशक्ति दान देना होगा। कवियों को अपनी वीररस की कविताओं से जनजागृति कर जोश जगाना होगा। राष्ट्र पर संकट के समय न कोई पक्ष है न विपक्ष! हम सभी एकजुट हैं हिमालय से केरल तक और गुजरात से पूर्वोत्तर तक! इसलिए आवाज दो हम एक हैं।’

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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