नवभारत निशानेबाज: प्रधानमंत्री मोदी को दिव्य अनुभूति, खिलेगा कमल, दीदी की दुर्गति

Modi Divine Remark: प्रधानमंत्री मोदी की दैवीय अनुभूति संबंधी टिप्पणी पर आध्यात्म, राजनीति और नेतृत्व शैली को लेकर बहस तेज हुई। चुनावी विमर्श में इस बयान ने नई चर्चा को जन्म दिया।
Navbharat Shooter: Prime Minister Modi Experiences a Divine Revelation—The Lotus Will Bloom, Didi Faces Ruin.
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Bengal Campaign Divine Politics: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार खत्म होने से 5 मिनट पहले बंगाल की जनता के नाम खुला पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने लिखा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के समय उन्हें भगवान राम से आशीर्वाद मिला था, उसी प्रकार की दैवीय अनुकंपा और ताकत उन्हें इस बार मां काली से मिली है। इस संबंध में आपकी क्या राय है?'

हमने कहा, 'ऐसी विलक्षण दैवीय अनुभूति जिन्हें अकस्मात हो, उन्हें महान योगी या सिद्ध-महात्मा मान लेना चाहिए, मोदी तपस्वी होने के साथ यशस्वी भी हैं। उन्हें ईश्वरीय संकेत मिलता रहता है। जब उन्होंने वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब उन्होंने कहा था मैं यहां नहीं आया, मुझे तो मां गंगा ने बुलाया है। आपको याद होगा कि जब मोदी केदारनाथ गए थे, तो वहां एक गुफा में उन्होंने पद्मासन की मुद्रा में बैठकर काफी देर तक ध्यान लगाया था। जब उन्होंने कन्याकुमारी जाकर मेडिटेशन किया था, तो हमें स्वामी विवेकानंद की याद आ गई थी। जब मोदी नवरात्र के समय विदेश गए थे, तो सिर्फ पानी पीकर और फलाहार कर उन्होंने 9 दिन उपवास किया था और फिर भी एक्टिव बने रहे थे। इतनी गर्मी में अपने सघन चुनावी प्रचार का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उनको इस दौरे में बिल्कुल थकावट नहीं हुई। इससे उनके एनर्जी लेवल का पता चलता है।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, जब रामकृष्ण परमहंस ने नरेंद्र के सिर पर हाथ रखा, तो उन्हें मां काली के दर्शन हुए और वह स्वामी विवेकानंद बन गए थे। अब नरेंद्र मोदी के सिर पर किसने हाथ रखा कि उन्हें ऐसी दैवीय अनुभूति हुई?"

हमने कहा, 'यह मानते हैं कि बंगाल की जनता ने उनके सिर पर हाथ रखा है। चुनाव नतीजे का उन्हें अभी से दिव्य आभास हो गया, तभी तो उन्होंने लिखा कि ओड़िशा और बिहार की तरह उन्हें बंगाल में भी कमल खिलता दिख रहा है। वह भविष्य दृष्टा हैं।' पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, एसआईआर से 92 लाख लोगों का वोटर लिस्ट से सफाया, केंद्रीय जांच एजेंसियों का टीएमसी नेताओं पर काला साया और अब मां काली के आशीर्वाद की शीतल छाया। ऐसे में भय नहीं, बीजेपी को जीत का भरोसा !

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा